संभल कोर्ट में याचिका दाखिल, स्वामी प्रसाद मौर्य कांवड़ियों पर टिप्पणी को लेकर फंसे

उत्तर प्रदेश राज्य

संभल  
'कांवड़ियों' के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश के संभल जिले की एक अदालत में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इकबाल महमूद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है।हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीनियर डिवीजन) सांसद-विधायक अदालत आदित्य सिंह की अदालत में याचिका दायर कर दोनों नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है।

सिमरन गुप्ता ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उप्र सरकार के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने हाल ही में कांवड़ियों को सरकारी संरक्षण में फलते-फूलते 'गुंडे और माफिया' कहा था। गुप्ता का आरोप है कि इस बयान से लाखों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। गुप्ता ने यह भी दावा किया कि मौर्य ने पहले भी हिंदू धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करके दंगे भड़काने की कोशिश की थी। इसी तरह, संभल के विधायक इकबाल महमूद पर भी कांवड़ियों को "गुंडे और मवाली" कहने का आरोप है।

गुप्ता के अनुसार, महमूद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि “कांवड़ यात्रा में शिव भक्तों से ज़्यादा गुंडे और मवाली होते हैं।” गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में बहजोई थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अदालत में याचिका दायर की गई और अदालत ने 28 अगस्त को सुनवाई तय की है।

स्वामी प्रसाद मौर्य इससे पहले भी कई मामलों के लेकर विवादों में रहे हैं। रामचरित मानस को लेकर उनकी टिप्पणी के खिलाफ कई जिलों में याचिका दायर की गई है। इसके साथ ही उन पर इसे लेकर हमले भी हुए हैं। पिछले ही दिनों दो युवकों ने स्वामी प्रसाद पर रायबरेली में हमला किया था।

 

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