गाजीपुर
यूपी में आईएस-191 गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शनिवार की सुबह गाजीपुर से कासगंज जेल भेज दिया गया। अलसुबह छह बजे कड़ी सुरक्षा में उमर को कासगंज के लिए रवाना कर दिया गया। माना जा रहा है कि देर शाम तक उमर कासगंज पहुंच जाएंगे। उमर को 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में अर्जी दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। करीब एक महीने से उमर जेल में बंद है। उमर का बड़ा भाई अब्बास अंसारी भी चित्रकूट जेल में अवैध रूप से पत्नी से मुलाकात के दौरान पकड़े जाने के बाद लंबे समय तक कासगंज की जेल में ही बंद था। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब्बास बाहर आया और इन दिनों जमानत पर है।
मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी के नाम से शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में दर्ज संपत्ति कुछ साल पहले कुर्क की गई थी। गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति को छुड़ाने के लिए मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिए याचिका दाखिल की थी। आरोप है उमर ने इस याचिका में अपनी मां और 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एडीजे कोर्ट ने जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर को गाजीपुर की जिला जेल में रखा गया था। इसी बीच गाजीपुर जेल से कासगंज शिफ्ट करने का फरमान लखनऊ से आया। इसके बाद शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उमर को गाजीपुर से कासगंज जेल के लिए रवाना कर दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी थी। लियाकत को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
