पंजाब
चंडीगढ़ पुलिस ने एक ऐसे कर्नल को गिरफ्तार किया है, जो करीब एक साल तक एक नकली कर्नल बनकर पुलिस महकमे को गुमराह करता रहा और विभाग में धाक जमाता रहा। आरोपी की गणेश भट्ट के रूप में हुई है, जो न सिर्फ वर्दी पहनकर थानों में आता-जाता रहा, बल्कि पुलिसकर्मियों से सलामी तक पाता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि नकली कर्नल ने पुलिस के बीच इतना रुतबा बना लिया कि एक महिला कांस्टेबल तक उसकी चालबाजी का शिकार हो गई। उसने अपने रिश्तेदार की नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी को पांच लाख रुपये दे दिए। वादा पूरा न होने पर जब असलियत खुलने लगी, तब तक गणेश भट्ट फरार हो चुका था।
सूत्र बताते हैं कि आरोपी अक्सर एक इंस्पेक्टर के साथ थानों में पहुंचता था और पुलिसकर्मी बिना शक किए उससे प्रभावित होते रहे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक किसी ने उसकी वर्दी और रुतबे की जांच क्यों नहीं की। आखिरकार क्राइम ब्रांच को सूचना मिलने के आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच हाथापाई भी हुई। गणेश भट्ट के परिजनों ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपित को क्राइम ब्रांच की कस्टडी में रखा गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उसे पानी तक नहीं दिया गया और उसके कान, आंख, शरीर के अन्य हिस्सों सहित गुप्तांगों में गंभीर चोटें आई हैं।
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