वाराणसी
वाराणसी-सुलतानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-56) करीब तीन वर्ष के इंतजार के बाद पूरी तरह फोरलेन हो गया है। सुलतानपुर से करीब छह किलोमीटर आगे (जौनपुर की तरफ) सड़क डायवर्जन किया गया था क्योंकि हनुमानगंज बाईपास अधूरा पड़ा था, जिसे एक माह पहले ही चालू किया गया है। डायवर्जन की वजह से वाहन पुराने दो लेन मार्ग से गुजारे जा रहे थे, ऐसे में हनुमानगंज रेलवे क्रासिंग पर जाम लगता लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
करीब 4.70 किमी. डायवर्जन मार्ग लोहरामऊ से शुरू होकर दोमुहां (पखरौली) में फोरलेन सड़क पर जुड़ता था, लेकिन अब 5.97 किमी. बाईपास शुरू होने से जाम की समस्या दूर हो गई है। गोपालपुर के पास नया आरओबी भी बनाया गया है, इसके कारण वाहनों की निर्बाध आवाजाही मुमकिन हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने फोरलेन बाईपास का निर्माण 19 अक्टूबर 2022 को करीब 80 करोड़ लागत से शुरू कराया था लेकिन परियोजना विलंबित हो गई। यह प्रोजेक्ट अप्रैल 2024 में ही पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ानी पड़ी।
विधानसभा की आश्वासन समिति के समक्ष मामला उठाया गया था, यह समिति प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही थी। हर महीने रिपोर्ट तलब होती। 15 जुलाई को प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया गया और ट्रैफिक चालू कर दिया गया। दिल्ली की कंपनी विद्या इन्फ्रास्ट्रक्चर को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया था। विलंबित परियोजना के चलते कंपनी पर जुर्माना लगाने की भी तैयारी चल रही है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक पंकज मिश्रा ने बताया कि पुराने मार्ग की तुलना में बाईपास की 1233 मीटर लंबाई बढ़ाई गई है। परियोजना विलंबित होने से वाहनों को रेलवे क्रासिंग पार करते हुए जाना पड़ता था लेकिन अब समस्या नहीं होगी।
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