आगामी 5 साल में इंदौर करेगा GDP दोगुना, कई सेक्टरों में परिवर्तन की योजना

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर 

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर आने वाले पांच वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है। शहर की जीडीपी को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस दिशा में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख विभागों, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया।

फार्मा और मेडिकल टूरिज्म पर जोर
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "प्रगतिशील मध्यप्रदेश" के सपनों को पूरा करने में इंदौर अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि फार्मा इंडस्ट्री और मेडिकल टूरिज्म को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए मेडिकल सुविधाओं और अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा।

ऑटोमोबाइल, आईटी और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
प्रस्तुति के दौरान सांसद लालवानी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को ग्रीन एनर्जी के साथ बढ़ावा देकर इंदौर को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर युवाओं को इनोवेशन और रिसर्च आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि फूड प्रोसेसिंग और नमकीन उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की योजना है।

कलेक्टर का बयान
कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह अभियान शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सभी विभागों के आपसी तालमेल से ही सफल हो पाएगा। उन्होंने पारंपरिक व्यवसायों को ग्लोबल ब्रांड बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर व ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करने पर जोर दिया। रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी को सशक्त कर इंदौर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा।

अर्थशास्त्रियों के सुझाव
डॉ. जयंतीलाल भंडारी ने कहा कि इंदौर देश का पहला ऐसा शहर बन सकता है, जो पांच वर्षों में अपनी जीडीपी को दोगुना करे। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्यात-उन्मुख उद्योगों, उच्च मूल्यवर्धन वाले सेक्टर और विदेशी निवेश को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई।

साझा संकल्प और आगे की दिशा
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इंदौर को देश का "आर्थिक ग्रोथ इंजन" बनाने की दिशा में अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस, नई तकनीक, शिक्षा, कनेक्टिविटी, औद्योगिक विस्तार और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी
बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आर.पी. अहिरवार, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत विभाग समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी और डॉ. अनिल भंडारी भी शामिल हुए। 

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