स्कूल स्तर तक सतर्कता: बाढ़ की स्थिति में डीएमओ और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय

राज्य

लुधियाना 
पिछले कुछ दिनों से लगातार कहर बरसा रहा रावी दरिया अपनी हदें पार कर गया है। पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन हालातों से जूझने के लिए डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने जिले के डी.एम.ओ., प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स, मिडल स्कूल इंचार्ज को एक संदेश जारी किया है। उन्होंने अपील की है जिन स्कूलों में राहत केंद्र बने हैं वहां शिक्षा विभाग की ओर से डटकर मदद करनी चाहिए।  

उन्होंने कहा कि उक्त सभी इंचार्जों को अपने स्टाफ की दो घंटे की ड्यूटी लगाई जाए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें जीवन दिया है तो इंसान होने के नाते किसी के काम आना चाहिए। अगर स्कूल में किसी को रात रहना या किसी के गांव में पानी भर गया है तो उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रिंसिपल, हेडमास्टर्स यानी शिक्षा विभाग से संबंधित सभी को डटकर सामने आना चाहिए। दीनानगर साइड बहुत पानी है। डी.ई.ओ. गुरदासपुर ने कहा कि उन्हें प्रशासन की चिट्ठी के इंतजार में नहीं रहना चाहिए। बिना कहे इंसान होने के नाते मदद कर सकते हैं। शिक्षा विभाग से निवेदन है कि बच्चों को ऑनलाइन काम देना है तो उनके व्हाट्स ग्रुप बने हुए हैं उनके व्हाट्स ग्रुप से जुड़े।

गौरतलब है कि पंजाब में हालात यह बन गए हैं कि धुस्सी बांध कई जगहों से टूट गया है और कई जगह रावी दरिया का पानी धुस्सी के ऊपर से होकर गांवों तक पहुंच गया है।  सीमा के पास के गांवों में हालात बद से बदतर हो गए हैं और लोगों के घरों में पानी भर गया है। गुरदासपुर और पठानकोट जिले में माधोपुर से शुरू होता यह कहर आगे रावी के पास के गांवों में बड़ा नुकसान कर रहा है। 

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