चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की प्रथा जारी रखकर संसदीय प्रणाली में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से जनता अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली और उठाए गए जनहित के मुद्दों के बारे में सीधे और पारदर्शी जानकारी प्राप्त कर सकेगी।
उन्होंने मंगलवार को सदन में स्पष्ट किया कि प्रतिबंध लगाने की चर्चा अधूरी जानकारी पर आधारित है कुछ रोकथाम का प्रावधान संविधान के अनुछेद 361-ए में है, जिसे ध्यान में रखते हुए और कार्यवाही से हटाए गए नकारात्मक शब्दों से बचाव के लिए नियम बनाए गए हैं। हरियाणा विधानसभा सचिवालय ने मीडिया संस्थानों को लाइव कवरेज हेतु नई गाइड लाइन भेजी हैं। इन गाइड लाइन के अनुसार, केवल सैटेलाइट टीवी चैनल ही लाइव प्रसारण कर सकते हैं, जिनकी अनुमति विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी।
प्रसारण के दौरान हरियाणा विधानसभा का लोगो और चैनल का वॉटरमार्क अनिवार्य होगा। किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स (ट्विटर) पर इसे साझा नहीं किया जा सकेगा।
सचिवालय ने कहा कि कार्यवाही से हटाए गए अंश या शब्द किसी भी मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रयोग नहीं किए जा सकते। उल्लंघन करने वाले चैनलों को लाइव कवरेज से प्रतिबंधित किया जा सकता है। हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि सीधा प्रसारण हरियाणा विधानसभा की 15वीं सत्र का ऐतिहासिक कदम है, जो पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने की संसदीय प्रथा को मजबूत करता है।
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