इलाज के दौरान मौत से समाप्त हुआ चंदन गुप्ता हत्याकांड का दोषी सलीम का जीवन

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी सलीम की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। लखनऊ जिला कारागार के जेलर ने सलीम की मौत की पुष्टि की है। सलीम को इलाज के लिए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में भर्ती कराया गया था, जहां पुलिस सुरक्षा में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को उसकी हालत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।

सलीम, 2018 में कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता की हत्या का शामिल था। एनआईए स्पेशल कोर्ट, लखनऊ ने सलीम को अन्य 27 दोषियों के साथ इस मामले में दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कोर्ट का फैसला आने के बाद सलीम ने अन्य दोषियों के साथ आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद से वह जेल में बंद था।

गौरतलब है कि कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा निकाली गई थी। चंदन गुप्ता अपने भाई विवेक गुप्ता और अन्य साथियों के साथ तिरंगा यात्रा में शामिल था। जब तिरंगा यात्रा कासगंज के तहसील रोड स्थित जीजीआईसी गेट के पास पहुंची, उसी दौरान विवाद हुआ। आरोप थे कि सलीम, वसीम और नसीम समेत कई लोगों ने रास्ता रोक लिया। जब चंदन ने आपत्ति जताई तो इससे हालात बिगड़ गए और पथराव होने लगा। तिरंगा यात्रा के दौरान गोलीबारी की भी घटना हुई।

मुख्य आरोपियों में से एक, सलीम ने चंदन गुप्ता पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई। हिंसा के कारण शहर में अशांति फैल गई, जिसके कारण एक सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा और इंटरनेट बंद रहा।

मामले में करीब 6 साल की कानूनी लड़ाई के बाद चंदन के परिवार को जनवरी 2025 में न्याय मिला। एनआईए स्पेशल कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दो लोगों को इस मामले से बरी भी कर दिया, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।

 

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