जयपुर
डीग जिले की कामां विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक नौक्षम चौधरी पर उनके विवादित बयान को लेकर पार्टी ने सख्ती दिखाई है। विधायक द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में "कांग्रेस प्रधान को हटाकर बीजेपी समर्थित प्रधान बनाने" की बात कहे जाने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। नोक्षम का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया।
कांग्रेस विधानसभा में इस बयान को भुनाएगी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी इसे लेकर बयान जारी किया। डोटासरा ने कहा- 'जो बात कांग्रेस पार्टी कह रही है उसकी साक्ष्य खुद सत्ताधारी दल की विधायक दे रही हैं। कामां से भाजपा विधायक नौक्षम चौधरी जी ने स्वीकार किया है कि भरतपुर में कांग्रेस से जुड़े प्रधानों को मनगढ़ंत आरोप लगाकर पद से हटाया है और नियमों को ताक पर रखकर बहुमत के खिलाफ उनकी जगह भाजपा से जुड़े प्रधानों को बैठा दिया गया। इसका साफ मतलब है कि भाजपा ने राजनीतिक दुर्भावना से कार्रवाई करते हुए जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को सत्ता के दुरुपयोग से हटाया गया। भाजपा ने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की खुलेआम हत्या की है।' कांग्रेस इसे विधानसभा में भी मुद्दा बनाने की तैयारी कर चुकी है।
बीजेपी अध्यक्ष बोले यह हमारी परंपरा नहीं
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस मुद्दे पर कहा, "भाजपा की परंपरा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को हटाने की नहीं रही है, यह कांग्रेस की कार्यशैली रही है। विधायक से इस बयान पर जवाब तलब किया गया है। उन्हें बुलाया गया है, वे आकर अपना पक्ष रखेंगी।"
क्या कहा था विधायक ने?
कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने कामां और पहाड़ी पंचायत समितियों में बीजेपी प्रधान बनने के बाद प्रेस वार्ता की थी। इसमें उन्होंने बिना नाम लिए पार्टी के एक मंत्री पर भी सवाल उठाए और कहा,
"नगर पंचायत में कांग्रेस का प्रधान क्यों है? बीजेपी समर्थित कार्यकर्ता को प्रधान बनाइए, ताकि हम भी कह सकें कि कांग्रेस का प्रधान हटाकर बीजेपी का बनाया गया है।"
पार्टी कर सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बयान को गंभीरता से लिया है और संकेत दिए हैं कि यदि विधायक का जवाब असंतोषजनक रहा तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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