रांची
झारखंड में नीरज सिंह हत्याकांड में बीते बुधवार को धनबाद के न्यायालय ने झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह को आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायालय ने इस मामले के सभी आरोपियों को नीरज सिंह हत्याकांड से बरी कर दिया।
इससे पहले संजीव सिंह को स्ट्रेचर पर कोर्ट के अंदर ले जाया गया। पुलिस उन्हें एंबुलेंस में सिंह मेंशन से लेकर कोर्ट पहुंची थी। इसके पहले वकीलों को कोर्ट में प्रवेश नहीं करने देने पर वकीलों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, थोड़ी देर बाद नारेबाजी बंद हो गयी। धनबाद की राजनीति को झकझोर देने वाले चर्चित पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में आज आठ साल, पांच महीने और पांच दिन बाद अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया है। जिला और सत्र न्यायाधीश 16 सह विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट दुर्गेश चंद्र अवस्थी ने अपना फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी 10 आरोपियों को बरी कर दिया।
इस फैसले में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह, जैनेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, डब्लू मिश्रा, विनोद सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू, चंदन सिंह, कुर्बान अली, पंकज सिंह और रणधीर धनंजय उर्फ धनजी सहित सभी आरोपियों को राहत मिली। ज्ञातव्य है कि 21 मार्च 2017 को धनबाद के तत्कालीन डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित तीन लोगों की हत्या कर दी गयी थी। नीरज सिंह के साथ जिन लोगों की हत्या की गयी थी उसमें अशोक यादव, चंद्र प्रकाश महतो उर्फ घोल्टू और मुन्ना तिवारी का नाम शामिल था। अशोक यादव नीरज सिंह के आप्त सचिव थे जबकि घोल्टू उनका ड्राइवर और मुन्ना तिवारी निजी बॉडीगार्ड था।
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