बिहार के ‘कैश क्राॅप’ में जुड़ने वाला है एक और नाम! कश्‍मीर में उगने वाला फल बढ़ाएगा आय

राज्य

अंजीर बढ़ाएगा आय! किसानों की आमदनी बढ़ाने को बिहार सरकार लाई जबरदस्‍त योजना
अब बिहार की मिट्टी उगलेगी अंजीर, किसानों को मिलेगा 50 हजार का अनुदान
32 जिलों के किसान उगाएंगे अजीर! होंगे मालामाल, सरकार की बड़ी सौगात
अंजीर फल विकास योजना: दो साल तक अनुदान, किसानों की आय बढ़ाने का नया रास्ता

पटना,

बिहार सरकार खेती और किसानों की सूरत बदलना चाहती है। ऐसे में कैश क्रॉप की खेती की लिस्‍ट और लंबी होने जा रही है। इसमें स्‍ट्रॉवेरी, अनानास, ड्रेगेन फ्रूट जैसे फलों के अलावा कश्‍मीर में उगने वाला अंजीर भी जुड़ने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से अंजीर फल विकास योजना की शुरुआत की गई है। सरकार की यह पहल न सिर्फ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का अवसर देगी, बल्कि बिहार में फलों की विविधता और उत्पादन को भी नया आयाम देगी।  

दो वर्षों तक मिलेगा अनुदान
बिहार सरकार यहां के किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहती है। जिसके लिए कृषि विभाग की ओर से 2025-26 और 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए अंजीर फल विकास योजना को लागू किया गया है। विभाग ने अंजीर की खेती की प्रति हेक्टेयर लागत 1.25 लाख रुपये तय की है। इस लागत पर किसानों को 40 प्रतिशत यानी 50 हजार रुपये का अनुदान देगी। 2025-26 में किसानों को 30 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। जो 1.25 लाख का 60 फीसद होगा।

32 जिलों में होगी अंजीर की खेती
सरकार की ओर से अंजीर फल विकास योजना को राज्य के 32 जिलों में लागू किया गया है। इनमें अरवल, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, जहानाबाद, लखीसराय, मधेपुरा, सारण, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, अररिया, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, जमुई, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, गया, रोहतास, पूर्णिया, समस्तीपुर, वैशाली और पश्चिम चम्पारण शामिल हैं।

ऐसे करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। अनुदान और प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जानकारी किसानों को जिला उद्यान पदाधिकारी से भी मिल सकती है।  

आय दोगुनी करने की दिशा में पहल
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना बिहार के किसानों के लिए एक बड़ा अवसर है। अंजीर की खेती से उन्हें खाद्यान्न फसलों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और नकदी फसल के रूप में अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी होगा। सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसी फसलों की ओर भी बढ़ें, जो बाजार में अच्छी कीमत दिला सकें। अंजीर उसी दिशा में उठाया गया एक नया कदम है।

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