नई दिल्ली
साल की शुरुआत में प्रयागराज में आयोजित हुए महाकुंभ में करोड़ों भक्तों ने संगम में स्नान किया। इसमें राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल थे, लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत महाकुंभ में स्नान के लिए नहीं पहुंचे। ऐसे में उस समय लोगों ने सवाल भी किया कि आखिर मोहन भागवत महाकुंभ क्यों नहीं गए। अब आरएसएस चीफ भागवत ने खुद इसकी वजह बताई है। उन्होंने कहा है कि हम लोगों को जहां बताया जाता है, वहां जाते हैं। हमें बताया गया था कि वहां बहुत भीड़ होगी। वहां संघ के लोग थे और कोलकाता में संगम का जल मंगवाकर स्नान किया था।
आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन मोहन भागवत से सवाल किया गया, ''पूरा भारत कुंभ में उमड़ा, लेकिन आप इससे दूर रहे, ऐसा क्यों?'' इस पर भागवत ने कहा, ''ऐसा इसलिए, क्योंकि हम लोगों को जहां बताया जाता है, वहां जाते हैं। मैं यहां इसलिए हूं और आपसे बात कर रहा हूं, क्योंकि हमारे लोगों ने तय किया कि यहां कार्यक्रम होना है और आपको बोलना है। मैंने यह भी कहा कि पिछली बार मैंने बोला था तो किसी अन्य लोगों से कहो। लेकिन वे नहीं माने तो मुझे करना पड़ा। ऐसे ही कुंभ में मैंने डेट निकाली थी आने की। वहां हमारे सभी अधिकारी गए थे। वहां संघ था, लेकिन मैं नहीं था। क्योंकि हमको बताया गया कि उस समय बहुत भीड़ रहेगी।''
उन्होंने आगे कहा, ''अन्य कार्यक्रम जो आगे-पीछे तारीख में हैं, उसमें डिस्टर्ब हो सकता है, आप मत आइए। मैंने कहा कि पुण्य सबलोग ले रहे हैं, मुझे आप वंचित कर रहे हो। कम से कम मुझे पानी भेज दो कोलकाता में। ऐसे में कृष्णगोपाल जी ने मेरे लिए कुंभ का जल भेजा और मौनी अमावस्या के दिन उस जल से स्नान किया। संघ अगर कहेगा कि नर्क में जाओगे तो मैं जाऊंगा।'' बता दें कि इस साल जनवरी-फरवरी में यूपी के प्रयागराज में संगम के तट पर महाकुंभ आयोजित किया गया था। यूपी सरकार न दावा किया था कि इसमें देश-दुनिया से 66 करोड़ से ज्यादा भक्तों ने पवित्र संगम के जल से स्नान किया था।
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