चंडीगढ़
पंजाब के कई जिले इस समय भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने राहत कार्यों को तेज़ करते हुए बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।
बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में मिलेगा सुरक्षित आश्रय
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे बुजुर्गों को तत्काल बचाकर पास के वृद्धाश्रमों में पहुँचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में फिलहाल 41 वृद्धाश्रम हैं, जिनमें 572 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है और इस क्षमता को 700 तक बढ़ाया जा सकता है।
मानसा में तैयार हुआ नया वृद्धाश्रम पहले से ही चालू कर दिया गया है, जिससे राहत कार्यों में तेजी आ सके।
बच्चों के लिए अनाथालय और आंगनवाड़ी केंद्र तैयार
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के बच्चों को अस्थायी रूप से अनाथालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में रखा जाएगा। यदि कोई बच्चा अपनी माँ के साथ रहना चाहे तो उसके लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खिचड़ी और दलिया जैसी आसान पचने वाली खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।
गर्भवती महिलाओं के लिए 'सखी' सेंटर खुलेंगे
डॉ. कौर ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में चल रहे 'सखी – वन स्टॉप सेंटर' को गर्भवती महिलाओं के लिए खोला जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थान मिल सके। साथ ही, महिलाओं को सैनिटरी पैड जैसी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे राहत कार्यों में सहयोग करें और जरूरत पड़ने पर प्रशासन से संपर्क करें। राहत टीमों को 24 घंटे के लिए सक्रिय रखा गया है।
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