झारखंड में चौंकाने वाला मामला: स्कूल में नियमित क्लास नहीं, हफ्ते में दो दिन ही खुलते हैं दरवाजे

राज्य

गिरिडीह

 झारखंड के गिरिडीह में एक ऐसा अनोखा स्कूल है जहां सप्ताह में 2 दिन ही विद्यार्थी बुलाए जाते हैं। इसकी वजह जगह की कमी बताई जा रही है। बात की जा रही है गिरिडीह प्लस टू उच्च विद्यालय की।

यहां 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन है। यहां बच्चे में पढ़ाई करने के लिए हर रोज आना चाहते हैं, लेकिन जगह की कमी होने से उन्हें सप्ताह में 2 दिन ही स्कूल में बुलाया जाता है क्योंकि यहां बच्चों को बैठाने की क्षमता केवल 1200 विद्यार्थियों की ही है। इसलिए विद्यार्थियों को एक साथ नहीं बुलाया जाता। छात्राओं के लिए सप्ताह में चार दिन और छात्रों के लिए दो दिन निर्धारित हैं। छात्राओं की संख्या अधिक है, इसलिए उन्हें भी आधी-आधी संख्या में दो-दो दिन ही बुलाया जाता है। वहीं, विद्यालय में शिक्षकों की भी कमी है जिस कारण ऐसा किया जाता है।

जानकारी के मुताबिक यहां छात्राएं 1780 और छात्र 1815 यानी कुल 3595 बच्चे हैं। यहां नौवीं व दसवीं कक्षा में लगभग 1500 विद्यार्थी नामांकित हैं। इस बार 11 वीं कक्षा में कला संकाय में 1300, वाणिज्य में 160 और विज्ञान में 180 छात्र-छात्राओं ने नामांकन लिया। कला में तो उम्मीद से तीन गुना अधिक नामांकन हुए। 12 वीं में कला संकाय में 273, वाणिज्य में 92 व विज्ञान वर्ग में 90 छात्र-छात्राएं हैं।

विद्यालय के प्राचार्य दयानंद कुमार का कहना है कि विद्यालय में जगह की कमी है। सभी विद्यार्थियों को एक साथ नहीं बैठा सकते। कला संकाय के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो-दो दिन बुलाते हैं। सूचना विभाग को दी है। विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष बनने से समस्या दूर होगी। शहर में प्लस टू स्कूलों की संख्या कम है। ऐसे में विभाग का आदेश है कि बच्चों का नामांकन लेने से मना नहीं करें, ताकि पढ़ने से कोई वंचित न रहे। इसलिए क्षमता से अधिक नामांकन हो जाता है।

 

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