तियानजिन
पीएम मोदी इस वक्त चीन के तियानजिन में हैं। यहां वे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आए हैं। शिखर सम्मेलन से पहले पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकाता की। दोनों नेताओं के बीच लगभग 55 मिनट तक बात हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने फ्लाइट से लेकर कौलाश मानसरोवर तक की चर्चा की। बता दें कि इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। गौरतवब है कि एससीओ सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगा। आइये जानते हैं कि दोनों नेताओं के बीच 55 मिनट तक क्या-क्या बातें हुईं।
चीनी राष्ट्रपति से क्या बोले पीएम मोदी
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मीटिंग में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल कजान में हमारी बहुत उपयोगी चर्चा हुई, जिसने हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा दी। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है। उन्होंने बताया कि सीमा प्रबंधन पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है, और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी शुरू हो रही हैं।
संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम दोनों के सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग के लिए तैयार हैं।
पीएम मोदी ने जताया आभार
इस दौरान पीएम मोदी ने एससीओ की सफल अध्यक्षता के लिए शी जिनपिंग को बधाई दी और चीन आने के निमंत्रण और इस मुलाकात के लिए उनका धन्यवाद भी किया। वहीं, शी जिनपिंग ने कहा कि पीएम मोदी से मिलकर उन्हें खुशी हुई। मौजूदा हालात में दोनों देशों को एक साथ आना जरूरी है। जिनपिंग ने कहा कि हम आपसी सहयोग के लिए तैयार हैं, और आगे मिलकर काम करेंगे। चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि दुनिया परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। चीन और भारत, दोनों दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। उन्होंने कहा कि दोस्त बनना, एक अच्छा पड़ोसी बनना, ड्रैगन और हाथी का एक साथ आना जरूरी है।
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