महिलाओं के सम्मान की राजनीति, क्यों कहा जा रहा है मास्टर स्ट्रोक?

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हरियाणा की राजनीति में नया इतिहास रचते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सम्मान भत्ता देने की ऐतिहासिक घोषणा कर दी है। इसे दीनदयाल लाडो-लक्ष्मी योजना का नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत 25 सितंबर से होगी। इस दिन संयोग से जनसंघ के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती भी है। माना जा रहा है कि इस फैसले ने न केवल हरियाणा की राजनीति की तस्वीर बदल दी है बल्कि विपक्ष को मुद्दाविहीन बना दिया है। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने घोषणापत्र में महिलाओं को 2100 रुपये मासिक सम्मान भत्ता देने का वादा किया था।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इसे समय से पहले लागू कर पार्टी के भरोसे और विश्वसनीयता को मजबूत किया है। दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद सैनी ने अपने पहले बजट में ही 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर दिया था। पिछले कई महीनों से कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दल हरियाणा सरकार को महिलाओं के भत्ते पर घेरने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन नायब सैनी ने समय रहते यह घोषणा कर विपक्ष के हाथ से बड़ा मुद्दा खींच लिया। खास बात यह है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार और हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना व कर्नाटक में कांग्रेस सरकारें अभी तक महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की अपनी घोषणाएं लागू नहीं कर पाई हैं।

संकल्प पत्र का हिसाब जनता को
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के संकल्प पत्र में जो वादे किए थे, उनका रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने हर माह सार्वजनिक मंचों से पेश करने की परंपरा शुरू की है। यह पहल हरियाणा की राजनीति में बिल्कुल नई है। उन्होंने साबित किया है कि राजनीति केवल घोषणाओं का खेल नहीं, बल्कि जनता से किया गया वादा निभाना असली नेतृत्व की पहचान है।

राजनीतिक समीकरणों पर असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि नायब सैनी का यह निर्णय हरियाणा की राजनीति में 2029 तक की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है। यह कदम न केवल महिला वोट बैंक को साधने का प्रयास है, बल्कि विपक्ष की सियासत को भी चुनौती है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के लिए घोषणाएं अधूरी हैं, ऐसे में हरियाणा की तुलना वहां की सरकारों से की जाएगी। यह सैनी का ऐसा शतरंजी चाल है जिसने पड़ोसी राज्यों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल ऊंचा कर दिया है।

22 लाख महिलाओं को होगा लाभ
आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, हरियाणा की करीब 22 लाख महिलाएं इस योजना से लाभान्वित होंगी। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होगी और एक नवंबर यानी हरियाणा दिवस पर महिलाओं के खातों में सीधे 2100 रुपये की पहली किस्त पहुंच जाएगी। इस दिन को सरकार ने खास तौर पर महिलाओं को समर्पित करने की तैयारी की है।
 
देवीलाल और बंसीलाल की कतार में सैनी
हरियाणा की राजनीति में जब भी वृद्धावस्था सम्मान भत्ते की बात आती है तो पूर्व उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय देवीलाल का नाम लिया जाता है। इसी तरह बुनियादी ढांचा विकास की चर्चा होते ही पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल का जिक्र आता है। अब महिलाओं के सम्मान की बात होगी तो नायब सैनी का नाम उसी कतार में शामिल होगा।

महिलाओं के लिए पहले से चल रही योजनाएं
हरियाणा सरकार पहले से ही कई योजनाएं चला रही है- वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना, विधवा एवं निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांग पेंशन योजना, लाडली सामाजिक सुरक्षा योजना, एसिड अटैक पीड़ित महिला सहायता, अविवाहित व विधवा महिलाओं के लिए वित्तीय सहयोग और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना। इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सहारा दिया, लेकिन 2100 रुपये मासिक सम्मान भत्ता इन सभी से ऊपर एक व्यापक और सर्वजनहितकारी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
 

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