इंदौर
करीब छह महीने बाद अब बीआरटीएस को तोड़ने की कवायद तेज हुई है। चौथे प्रयास में आए टेंडर के आधार पर राजगढ़ की ठेकेदार एजेंसी को करीब 2.55 करोड़ अदा करने पर बीआरटीएस तोड़ने का काम सौंपने के स्वीकृति पत्र (लेटर ऑफ एक्सपेक्टेशन) के लिए बुलाया गया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक, 2-3 दिन में कॉरिडोर टूटने का काम शुरू हो जाएगा। नई डिजाइन के आधार पर डिवाइडर व अन्य काम करने के लिए टेंडर भी जारी कर दिया जाएगा। इस पर 13 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
दी जाएगी मंजूरी
हाईकोर्ट ने फरवरी में बीआरटीएस हटाने के आदेश दिए थे। एबी रोड पर बने बीआरटीएस के कारण ट्रैफिक की परेशानी को देखते हुए कई साल से हटाने की मांग की जा रही थी। मालूम हो, करीब 11 किलोमीटर में बने कॉरिडोर को बनाने में लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। नगर निगम ने बीआरटीएस पर बने आइबस स्टैंड, रैलिंग, बीम आदि हटाने के लिए 3 करोड़ 68 लाख रुपए की डिमांड की थी।
तीन बार के टेंडर में जब कोई एजेंसी नहीं आई तो निगम ने कम राशि में काम देने का फैसला लिया। एमआइसी बैठक में इसे मंजूरी दी जाएगी। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि राजगढ़ के ठेकेदार को स्वीकृति पत्र देने के लिए सोमवार को बुलाया गया है। वे स्वीकृति देते हैं तो वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। निगम बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ने के साथ नए डिवाइडर, लाइटिंग आदि के काम तुरंत शुरू करना चाहता है, ताकि एक्सीडेंट की आशंका न रहे।
ब्रिज निर्माण से बीआरटीएस बेतरतीब
बीआरटीएस अब बेतरतीब हो चुका है। ओवर ब्रिज निर्माण के लिए स्कीम नं. 78 से निरंजनपुर चौराहा, विजय नगर चौराहे से सत्यसाईं चौराहा व सत्यसाईं चौराहे से स्कीम नं. 78 की ओर बीआरटीएस बंद है। सत्यसाईं चौराहे के पास कुछ हिस्से में रैलिंग तोड़कर डिवाइडर बिछा दिए गए हैं। इस हिस्से में पिछले सप्ताह दो कार एक्सीडेंट हो चुके हैं।
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