भोपाल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मौलाना गांव पर दिया गया बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल सीएम यादव ने उज्जैन जिले के तीन गांवों के नाम बदल दिए थे, इसमें एक गांव का नाम 'मौलाना' भी था। उस दौरान सीएम यादव ने कहा था, मौलाना गांव का नाम लिखो को पेन अटकता है, इसलिए अब इसे विक्रम नगर के नाम से जाना जाएगा। अपने हालिया इंटरव्यू के दौरान सीएम यादव से इससे जुड़ा सवाल किया गया, तो उन्होंने अपनी बात को एक बार फिर दोहराया। जानिए सीएम यादव ने क्या कहा?
स्वाभाविक रूप से मेरा पेन अटकेगा
सीएम यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, एक गांव का नाम मौलाना और वो पूरा हिन्दू गांव। वहां मुस्लिम समाज का एक भी भाई या बहन नहीं है। वहां के लोगों ने कहा कि मौलाना नाम बदल दिया जाए। सीएम यादव बोले अब मैं जब उसकी पोस्ट करने के लिए चिट्ठी लिख रहा हूं तो मेरे सामने भी आएगा कि मौलाना लिखूं तो लिखूं कैसे।
मेरे मन में भी तो आएगा कि गांव में कोई तो मौलाना होना चाहिए। इस पर सीएम यादव ने आगे कहा कि गांव में एक भी मौलाना नहीं, लेकिन गांव का नाम मौलाना, तो स्वाभाविक रूप से पेन अटकेगा। गलत बात हो तो बताओ।
कानून का पालन करने पर भी अपराधी
मुस्लिमों से जुड़े एक अन्य सवाल, जिसमें मोहम्मदपुर का नाम बदलने की बात कही गई। उस पर सीएम यादव बोले, एक गांव जिसमें एक भी मोहम्मद नहीं है। गांव के लोग लिखकर दे रहे हैं कि हमारे यहां तो मोहन मुरली वाले का मंदिर है। इसको मोहनपुर किया जाए। सीएम यादव ने कहा कि मैं तो कानून का पालन कर रहा हूं, उसमें भी मैं अपराधी। ये बात समझ नहीं आई।
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