योगी सरकार यूपीआईटीएस-2025 के माध्यम से ने जा रही है यूपी की हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच
भौगोलिक संकेत वाले प्रदेश के 60 जीआई उत्पाद होंगे यूपीआईटीएस में विशेष आकर्षण
काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट तथा हस्तशिल्पियों के हुनर वाले 32 जीआई टैग उत्पादों की चमक देखेगी दुनिया
यूपीआईटीएस से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान- पद्मश्री रजनीकांत,जीआई मैन ऑफ इंडिया
वाराणसी
उत्तर प्रदेश की कला और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को योगी सरकार अंतर्राष्ट्रीय मंच देने जा रही है। यूपी सरकार 25 से 29 सितम्बर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन करा रही है। इस ट्रेड शो में प्रदेश के भौगोलिक संकेत वाले जीआई उत्पाद विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे। यह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि के परिचायक होंगे, बल्कि इसे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस ट्रेड शो में काशी व आसपास की समृद्ध हैंडीक्राफ्ट की विरासत और हस्तशिल्पियों का हुनर वाले 32 जीआई टैग वाले उत्पादों की चमक दुनिया देखेगी। जीआई उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो में अलग से पवेलियन की व्यवस्था होगी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई टैग वाले उत्पाद हैं, इसमें से 57 हस्तशिल्प और 20 कृषि एवं खाद्य उत्पाद जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं।
काशी व आसपास के जनपदों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा मंच
उत्तर प्रदेश की बौद्धिक सम्पदा प्रदेश की इकोनॉमी को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में बूस्टर डोज का काम करेगी। प्रदेश की जीआई उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार दिलाने के लिए योगी सरकार इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन कर रही है। सरकार देश की परंपरागत हुनर और जीई उत्पादों को पुनर्जीवित करके इंटरनेशनल प्लेटफार्म पर ला रही है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के जीआई उत्पादों और ओडीओपी के ब्रांड एम्बेसडर बनकर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करते रहे हैं। इस विषय में अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के 60 जीआई पंजीकृत उत्पाद शामिल हो रहे हैं। जीआई उत्पादों को ट्रेड शो में अलग से स्थान दिया जा रहा है। सबसे ज्यादा काशी व आसपास के जनपदों के जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो के मंच पर देखने को मिलेगा।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान
जीआई मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने वाले पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने बताया कि इंटरनेशनल ट्रेड शो से जीआई उत्पादों के कारोबार में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में जीआई पंजीकृत उत्पादों के कारोबार से करीब 60 लाख लोग जुड़े हैं। इसका सालाना अनुमानित कारोबार लगभग 1 लाख करोड़ का है। पद्मश्री रजनीकांत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्रेड शो में प्रदेश के जीआई उत्पादों के शो केस करने के लिए अलग से स्थान दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां सभी प्रमुख श्रेणी के जीआई उत्पाद हैं। हस्तशिल्प में सर्वाधिक जीआई प्राप्त उत्पाद भी उत्तर प्रदेश से ही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 77 जीआई पंजीकृत उत्पाद हैं। हैंडीक्राफ्ट ,हैंडलूम और खाद्य उत्पादों के 60 जीआई टैग वाले उत्पाद ट्रेड शो में उपस्थिति दर्ज करेंगे, जिसमें सबसे ज्यादा 32 जीआई टैग वाले उत्पाद अकेले काशी और आसपास के जनपदों के हैं। ऐसे में, अब ये उत्पाद इंटरनेशनल ट्रेड शो में अपनी चमक बिखेरकर अंतर्राष्ट्रीय उड़ान भरने को तैयार हैं।
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