वैष्णो देवी बंद, होटल वालों ने 700 श्रद्धालुओं की मदद में खोले 200 कमरे और दी मुफ्त सुविधा

देश

कटरा
26 अगस्त को तीन दोस्तों के साथ कटरा पहुंचे उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी अमिश चौधरी की आंखें भर आईं जब उन्होंने बताया कि भूस्खलन के बाद यात्रा रुक गई। हम होटल में ही रुक गए। 7 दिन हो गए, लेकिन होटल वालों ने न किराया लिया और न ही खाने का पैसा। उनका कहना है कि जब तक माता के दर्शन नहीं कराओगे, तब तक भेजेंगे नहीं। अमिश अकेले नहीं हैं। करीब 500 श्रद्धालु ऐसे हैं जो पिछले एक सप्ताह से कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग बंद होने के कारण फंसे हुए हैं।

होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन का सराहनीय प्रयास

कटरा होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ने ऐसे समय में जो भूमिका निभाई है, वह प्रेरणादायक है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश वजीर ने बताया कटरा में कुल 300 होटल-गेस्ट हाउस हैं, जिनमें करीब 6000 कमरे हैं। करीब 200 कमरे नि:शुल्क श्रद्धालुओं के लिए खोले गए हैं। सभी श्रद्धालुओं को उनकी पसंद के अनुसार नाश्ता और खाना मुफ्त दिया जा रहा है। लगभग 200 लोग धर्मशालाओं में ठहरे हुए हैं। भले ही होटल व्यवसाय को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, परंतु सभी होटल मालिक एकजुट होकर मानव सेवा में लगे हैं। राकेश वजीर कहते हैं कि हम घाटे में हैं, परंतु यह समय धर्म और इंसानियत का है। माता रानी की सेवा से बड़ा कोई लाभ नहीं।

भूस्खलन से ठहरी वैष्णो देवी यात्रा
भूस्खलन के बाद इलाकों को खाली करने के आदेश

वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर आए भूस्खलन के बाद श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ बड़े कदम उठाए हैं।
• एशिया चौक से बलिनी पुल के बीच और दर्शनी ड्योढ़ी तक के सभी होटल और दुकानें खाली करने का आदेश दिया गया है।
• इन इलाकों में 80 से अधिक दुकानें और छोटे होटल आते हैं जो भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।
श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि ये कदम लगातार हो रही बारिश और अचानक आई बाढ़ को देखते हुए उठाए गए हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों की जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में स्थित होटलों, दुकानों को तुरंत खाली करने का आदेश दिया गया है। इसमें एशिया चौक, बलिनी पुल के बीच, दर्शनी ड्योड़ी तक हैं।

श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इन संवेदनशील हिस्सों में 80 से ज्यादा दुकानें और छोटे होटल आते हैं। दरअसल, ये प्रतिष्ठान भूस्खलन प्रभावित इलाकों में है।

यह कदम लगातार बारिश और हाल ही में अचानक आई बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं के मद्देनजर उठाया गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है और वैष्णो देवी यात्रा बाधित हुई है।

30,000 श्रद्धालुओं वाला कटरा अब सुनसान

श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के पूर्व प्रबंधनकर्ता शेर सिंह बरिदराम ने बताया कि जहां हर रोज़ 30 हजार श्रद्धालु रहते थे, अब वहां सन्नाटा पसरा है।
• यात्रा मार्ग की कुल लंबाई 18 किलोमीटर है, जिस पर मरम्मत कार्य जारी है।
• जब तक मरम्मत पूरी नहीं होती, यात्रा स्थगित रहेगी।
• जिन श्रद्धालुओं ने हेलिकॉप्टर, भवन, भैरों घाटी रोपवे और होटल की बुकिंग कराई थी, उन्हें पैसा रिफंड किया जा रहा है।

अमित शाह ने किया राहत कार्यों का निरीक्षण

इस आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को जम्मू का दौरा किया।
• उन्होंने बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया।
• जम्मू की टूटी हुई सड़क और पुलों की कनेक्टिविटी को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
• सेना और अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की सराहना की।

इंसानियत की परीक्षा में खरे उतरे कटरा के लोग

जहां एक ओर प्राकृतिक आपदा ने श्रद्धालुओं को संकट में डाला, वहीं कटरा के लोगों ने धर्म और सेवा की मिसाल पेश की है। होटल मालिकों और स्थानीय संगठनों ने बिना किसी सरकारी सहायता के सैकड़ों श्रद्धालुओं की सेवा की है। श्रद्धालु भी भावुक हैं। कुछ ने कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम इतने दूर आकर भी अपने लोगों से इतनी आत्मीयता पाएंगे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry