पटना
बिहार में मानसून थोड़ा कमजोर जरूर पड़ गया है लेकिन सभी जिलों में बारिश के आसार आज से लेकर आठ सितंबर तक हैं। उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम बिहार, दक्षिण-मध्य, दक्षिण-पूर्व बिहार में एक या दो स्थानों पर बारिश के आसार हैं। पटना, गया, नालंदा, शेखपुरा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद समेत पूरे बिहार में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। इधर, लगातार बारिश के कारण गंगा और कोसी उफान पर है। नेपाल में हुई लगातार भारी बारिश का असर बिहार की कोसी नदी पर साफ दिखने लगा है। जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के बाद रविवार शाम से कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नेपाल प्रभाग के बराहक्षेत्र से भी पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ता घटता रहा। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, खगड़िया के डुमरी और बलतारा, भागलपुर के विजय घाट पुल और कटिहार के कुरसेला में कोसी का बहाव पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुका है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य की तैयारी तेज कर दी है।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान पटना के अधिकांश भागों के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने के आसार हैं। वहीं अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश भागों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव बना हुआ है। अगले 24 घंटों के दौरान इसी क्षेत्र में इसके और भी ज्यादा प्रभावी होने की संभावना है। इसके बाद यह अगले 24 घंटे के ऊपर होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा।
मुंगेर में फिर से बाढ़ का खतरा
मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पहले ग्रामीण इलाकों में पानी फैलने के बाद अब शहरी क्षेत्रों में भी गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत लाल दरवाजा–गीता बाबू लिंक पथ पर लगभग तीन फीट पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। नगर निगम क्षेत्र के कई निचले इलाकों और घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। सदर प्रखंड के मोहली पंचायत अंतर्गत आदर्श ग्राम टीका रामपुर में ग्रामीण सड़क और आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह पानी में डूब गए हैं।
भागलपुर में भी बाढ़ का खतरा
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर गहरा गया है। भागलपुर जिले के कहलगांव, सुल्तानगंज, नाथनगर, सबौर और नवगछिया अनुमंडल के तीन प्रखंडों सहित कुल आठ प्रखंडों के निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। गंगा के साथ-साथ कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे नवगछिया अनुमंडल के कोसी तटवर्ती क्षेत्रों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। प्रशासन ने जिले के 92 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित घोषित किया है।
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