पंजाब
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और बरिंदर कुमार गोयल ने आज संगरूर जिले में घग्गर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया । मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री अरोड़ा और गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार संकट को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 15,688 से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, और हज़ारों प्रभावित निवासी वर्तमान में राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। 12 ज़िलों के 1,000 से ज़्यादा गांव या तो जलमग्न हैं या बुरी तरह प्रभावित हैं, और लगभग 94,000 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसमें कटाई के करीब पहुंच चुके धान के खेत भी शामिल हैं, जलमग्न हो गई है। घग्गर नदी का वर्तमान जल प्रवाह 12,000 क्यूसेक है, जबकि नदी की क्षमता 12,200 क्यूसेक है। जल स्तर 747.7 फीट पर है, जो खतरे के निशान 748 फीट से थोड़ा नीचे है। इसके अतिरिक्त, उपायुक्त ने रात में नदी के किनारों पर पुलिस गश्त का निर्देश दिया है।
घग्गर का जलस्तर खतरे के निशान पर : मूनक-खनौरी क्षेत्र से गुज़रने वाली घग्गर नदी का जलस्तर दो साल बाद एक बार फिर खतरे के निशान के पर पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से आसपास के गांवों के लोगों की सांसें फूल रही हैं, क्योंकि हरियाणा की ओर बढ़ते हुए घग्गर नदी की चौड़ाई कम होती जा रही है, जिससे घग्गर उफान पर आकर तबाही मचा रही है। सोमवार देर शाम तक पानी खतरे के निशान 748 से बस तीन इंच ही दूर रह गया था जो कि आज दोपहर बाद खतरे के निशान पर पहुंच गया है। घग्गर की स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है। दूसरी ओर घग्गर नदी के किनारों में बड़ी बड़ी दरारें आनाखतरे की घंटी है।
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