3 दिवसों में पहुंचेगी ढाई रैक
रीवा जिले में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा
भोपाल
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा ज़िले की खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में सिंचाई साधनों की सतत वृद्धि से खाद की मांग भी लगातार बढ़ी है। कई जागरूक कृषक वर्ष में तीन फसलें ले रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि किसानों को सही समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने खाद के स्टॉक और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टोकन वितरण व्यवस्था सुचारू रहे और किसानों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि 3 दिवस के अंदर रीवा में 2 फुल और 1 हाफ रैक यूरिया पहुंचेगी। एनएफएल की 1 हज़ार 900 मे.टन की रैक रात तक जिले में पहुंचने की संभावना है। इफको की फूलपुर प्लांट से 2 हज़ार 700 मे. टन की रैक रवाना की गई है, जो कल शाम तक जिले में पहुंच जाएगी। वहीं चंबल फ़र्टिलाइज़र की आधी रैक कल लोडिंग में आएगी, जो 6 सितम्बर की शाम तक जिले में पहुंचने की संभावना है।
एमडी एमपी मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह ने बताया कि रीवा जिले में गत वर्ष 1 अप्रैल से 1 सितम्बर 2024 तक 23 हज़ार मे. टन यूरिया का विक्रय हुआ था। इसके विरुद्ध इस वर्ष 1 सितम्बर तक 26 हज़ार 860 मे. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 23 हज़ार 360 मे. टन यूरिया का विक्रय हो चुका है एवं 1 हज़ार 500 मे. टन शेष है। 1 हज़ार 300 मे.टन की आधी रैक 31 अगस्त की रात को जिले में पहुंच चुकी है। बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस प्लानिंग की गई है। गत वर्ष 30 सितम्बर 2024 तक 18 हज़ार 674 मे. टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हुआ था, जबकि इस वर्ष 23 हज़ार मे. टन उपलब्धता है। इसमें से 16 हज़ार 544 मे. टन का विक्रय किया जा चुका है और 6 हज़ार 463 मे. टन अभी उपलब्ध है। बैठक में संचालक कृषि श्री अजय गुप्ता सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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