एक बगिया माँ के नाम के तहत पौध-रोपण की जीवित्ता के लिये अधिकारी करेंगे मॉनीटरिंग

मध्य प्रदेश राज्य

विभाग ने 41 अधिकारियों की लगाई ड्यूटी, सितम्बर में दो बार भ्रमण कर मनरेगा आयुक्त को देंगे रिपोर्ट

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्व सहायता समूह की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों को संवारने, नदियों के उद्गम स्थलों को संरक्षित करने के लिए एक बगिया मां के नाम परियोजना, मां नर्मदा परिक्रमा पथ और गंगोत्री हरित योजना चला रही है। परियोजना का जिले स्तर पर बेहतर ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने राज्य स्तरीय अधिकारी जिलों में पहुंचेंगे। भ्रमण के बाद क्रियान्वित कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में मनरेगा आयुक्त को जानकारी देंगे। अधिकारियों द्वारा यह जानकारी मनरेगा परिषद द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में आदेश भी जारी किए गए हैं।

अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी
'एक बगिया मां के नाम' मां नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों की भूमि पर किए जा रहे पौधरोपण और गंगोत्री हरित योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की गतिविधि को देखने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 41 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ये सभी अधिकारी सितम्बर माह में प्रदेश के सभी जिलों में जाकर तीनों योजनाओं का जमीनी स्तर पर कार्य देखेंगे। इसमें मुख्य अभियंता, संयुक्त अभियंता, अधीक्षण यंत्री, उपायुक्त, उपसंचालक, कार्यपालन यंत्री, एससीएफ, सहायक यंत्री और परियोजना अधिकारी स्तर के अधिकारी शामिल है। सभी अधिकारी सितंबर माह में दो बार आवंटित जिलों का भ्रमण करेंगे।

अनियमितता की अलग से देंगे रिपोर्ट
अधिकारियों द्वारा भम्रण के दौरान तीनों योजनाओं के क्रियांन्वयन में कोई गंभीर अनियमितता पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों को उसकी अलग से रिपोर्ट बनाकर मनरेगा आयुक्त को दी जाएगी।

 

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