जयपुर
जयपुर के बिड़ला सभागार में शुक्रवार को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 75 शिक्षकों को शॉल, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इनमें 66 शिक्षक तीन श्रेणियों से और 9 शिक्षक विशेष योगदान हेतु चुने गए।
कार्यक्रम की शुरुआत झालावाड़ में जर्जर स्कूल भवन हादसे में सात बच्चों की मृत्यु पर मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। इसके बाद शिक्षक सम्मान पुस्तिका का विमोचन और प्रखर राजस्थान 2.0 का शुभारंभ किया गया। साथ ही राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की "ऑन डिमांड परीक्षा" की घोषणा भी हुई, जिसके पहले चरण की परीक्षा अक्तूबर में होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों और अनुशासन का पाठ भी पढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही भाषा स्कूल खोले जाएंगे, ताकि विदेश में रोजगार के अवसर तलाशने वाले युवाओं को लाभ मिले।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकारी विद्यालयों का स्तर अब निजी स्कूलों से बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतशित से अधिक अंक प्राप्त करने वाले सरकारी स्कूलों के 18 हजार विद्यार्थी हैं, जबकि निजी स्कूलों से केवल 13 हजार। उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और तीन करोड़ पौधरोपण का उल्लेख भी किया।
उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य डिग्री बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की दक्षता बढ़ाना है। वहीं, शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि विभाग 75 लाख बच्चों का अभिभावक है और उन्हें जर्जर भवनों में नहीं बैठाया जाएगा। जयपुर जिले से प्राथमिक स्तर पर कोई चयन नहीं हुआ। कक्षा 6 से 8 श्रेणी में राजेश शर्मा और वंदना शर्मा तथा कक्षा 9 से 12 श्रेणी में सुनील कुमार उपाध्याय को चुना गया। विशेष श्रेणी में 9 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
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