वॉशिंगटन
50 फीसदी टैरिफ के चलते भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में दरार आई है। भारत, चीन और रूस के बीच दोस्ती बढ़ने लगी है, जिसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मिर्ची लगी है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा है कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने पोस्ट किया, ''ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, सबसे अंधकारमय चीन के हाथों खो दिया है। उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो।"
अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल में भारत के प्रति थोड़ा सख्त नजर आ रहे हैं। पहले उन्होंने रेसिप्रोकल टैरिफ के नाम पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया तो बाद में रूस से तेल आयात करने के चलते 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाकर कुल टैरिफ 50 पर्सेंट कर दिया। इसकी वजह से भारत और चीन, जिनके बीच सीमा विवाद के बाद से तनाव बना हुआ था, दोनों फिर से करीब आने लगे। हाल ही में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ बैठक में पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तिकड़ी की खूब चर्चा हुई। तीनों नेताओं एक-दूसरे से बात करते हुए दिखाई दिए। इसे पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका के लिए संदेश माना गया। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुईं तीनों राष्ट्राध्यक्षों की तस्वीरों के बाद अब ट्रंप ने भी टिप्पणी की है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीर भी शेयर की है।
इससे पहले, ट्रंप ने चीनी सैन्य परेड में हथियारों को सार्वजनिक तौर पर दिखाए जाने को लेकर भी चीन पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि यह परेड चीन ने उन्हें दिखाने के लिए की है। चीन ने सैन्य परेड में फाइटर जेट्स, ड्रोन्स, मिसाइलों समेत तमाम अत्याधुनिक हथियार दिखाए थे। इस परेड में रूस, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया आदि देशों के प्रमुखों को बतौर मेहमान बुलाया गया था। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''बहुत ही अच्छा कार्यक्रम था, लेकिन मुझे पता है कि वह किन वजहों से ऐसा कर रहे हैं। उन्हें विश्वास था कि मैं उसे देख रहा हूं। मैं देख रहा था।''
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