गांव वालों के लिए राहत: मुख्यमंत्री ग्रामीण जनता सेवा में बस किराया घटा, अब 20% सस्ता सफर

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में परिवहन विभाग की विभिन्न सेवाओं का शुभारंभ और डिजिटल लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान सीएम योगी ने ग्रामीण जनता सेवा का तोहफा दिया। इसके तहत यूपी के गांवों में 250 बसें संचालित की जाएंगी। प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट जनता सेवा की होगी। ये बसें 75-80 किमी दूरी के दायरे में आने वाले गांवों तक चलेंगी। इसका किराया 20 प्रतिशत तक कम होगा।

ग्रामीणों को सस्ती यात्रा सुविधा देने के लिए ग्रामीण जनवा सेवा बसों की शुरुआत की गई है। इसमें सफर करने के लिए किराया भी कम लगेगा। यूपी रोडवेज की अन्य बसों में अभी 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय किया जारा है। वहीं, अब शुरू हुईं ग्रामीण जनता सेवा बसों में 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर के अनुसार किराया तय होगा। इसके अलावा सीएम योगी ने आरटीओ कार्यालय से जुड़े 48 कामों के आवेदन के लिए डेढ़ लाख जन सुविधा केंद्रों की भी घोषणा की है।

उन्होंने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि परिवहन विभाग प्रदेश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सबसे बड़ा माध्यम है और इसे विकसित भारत की परिकल्पना का सारथी बनना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के पास देश में सबसे बड़ा बेड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में सेवाएं देना अपने आप में एक उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी कम नहीं हैं। उन्होंने रक्षाबंधन पर बहनों को तीन दिनों तक मुफ्त बस यात्रा उपलब्ध कराने की पहल को सराहनीय बताया और कहा कि विभाग भविष्य में इस तरह की सेवाओं का प्रचार-प्रसार और प्रभावी तरीके से करे।

सीएम योगी ने चालकों के लिए घोषणा करते हुए निर्देश दिए कि बस चालकों का नियमित मेडिकल और फिजिकल फिटनेस टेस्ट हर तीन महीने में अनिवार्य रूप से कराया जाए। विशेष रूप से आंखों की जांच जरूरी है ताकि दृष्टि दोष के कारण दुर्घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि सड़क पर अंदाजे से गाड़ी चलाने की छूट नहीं दी जा सकती। सीएम योगी ने हेलमेट, सीट बेल्ट, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग जैसी स्थितियों पर कड़े नियम लागू करने और मीडिया—डिजिटल, प्रिंट, सोशल व विजुअल—के माध्यम से प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया।

आधुनिक बस स्टेशन, इलेक्ट्रिक बसें और स्क्रैपिंग नीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि परिवहन विभाग को समय की मांग के अनुसार अपनी सेवाओं को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाना होगा। बस स्टेशन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस हों, बसें सड़कों पर अव्यवस्थित खड़ी न रहें और यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित माहौल मिले—इसके लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस सेवा से पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर यात्रा अनुभव भी संभव है। चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी क्षेत्र को जोड़ा जा सकता है। साथ ही, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को बढ़ावा देना होगा ताकि प्रदूषण और सड़क हादसों का खतरा कम हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स को और सुदृढ़ किया जाए और विभाग जवाबदेही के साथ काम करे। प्रयागराज महाकुंभ जैसे आयोजनों में भी परिवहन विभाग ने लाखों यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाकर अपनी क्षमता साबित की है। अब जरूरत है कि शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए विभाग प्रदेश के विकास का सारथी बने।

इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा, प्रमुख सचिव (परिवहन) अमित गुप्ता, परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन निगम के एमडी मासूम अली सरवर आदि मौजूद रहे।

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry