बंधकों की रिहाई ही गाजा युद्ध का समाधान? इजरायल ने रखी ये शर्त

दुनिया

गाजा
इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने गाजा युद्ध को लेकर रविवार को यरुशलम में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गाजा में चल रहा युद्ध तब समाप्त हो सकता है, जब बंधकों को रिहा कर दिया जाए। साथ ही, फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास अपने हथियार डाल दे। यह बयान हमास की ओर से अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराए जाने के एक दिन बाद आया है, जिसमें उसने कहा था कि वह सभी बंधकों को रिहा कर देगा, बशर्ते इजरायल युद्ध समाप्त करने और गाजा शहर से अपनी सेना वापस बुलाने पर सहमत हो।

गिदोन सार का यह बयान इजरायल-हमास संघर्ष के बीच शांति स्थापना की दिशा में अहम कदम हो सकता है, क्योंकि यह युद्ध को समाप्त करने की शर्तों को स्पष्ट करता है। हालांकि, यह बयान दोनों पक्षों की परस्पर विरोधी मांगों को भी उजागर करता है, क्योंकि हमास की शर्तें इजरायल की मांगों से पूरी तरह भिन्न हैं। यह बयान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को तेज कर सकता है, क्योंकि इससे मध्यस्थता और कूटनीतिक प्रयासों के लिए नई संभावनाएं खुलती हैं। यह दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास को भी दर्शाता है, जो शांति वार्ता को और जटिल बना सकता है।

शहर को खाली करने का निर्देश
इस बीच, इजरायल की सेना ने गाजा शहर के फिलिस्तीनियों को निर्देश दिया कि वे शहर को खाली कर दें और दक्षिण स्थित मानवीय क्षेत्र में चले जाएं। इजरायल ने शनिवार को इसी के साथ शहर की बहुमंजिला इमारतों को निशाना बनाया। सहायता समूहों ने चेतावनी दी कि गाजा से बड़े पैमाने पर लोगों को निकालने से मानवीय संकट की स्थिति और विकराल हो सकती है। खाद्य संकट के मद्देनजर दुनिया के अग्रणी संगठन ने शहर को अकालग्रस्त घोषित कर दिया है। अधिकांश परिवार लगभग 2 वर्ष से चल रहे इजराइल-हमास युद्ध के कारण कई बार विस्थापित हो चुके हैं। उनका कहना है कि उनके पास जाने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है, क्योंकि इजरायली सेना ने बार-बार उन शिविरों पर बमबारी की है, जिन्हें उसने मानवीय क्षेत्र घोषित किया था।

 

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