नेपाल की कमान संभालने से पहले सुशीला कार्की का भारत पर बयान वायरल

दुनिया

 नई दिल्ली/काठमांडू 

हिंसा से जूझ रहा नेपाल धीरे-धीरे शांति की ओर बढ़ रहा है. पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की नेपाल की अंतिरम सरकार की प्रमुख बनने के लिए रजामंद हो गई हैं. नेपाल की कमान संभालने से पहले ही कार्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है.

कार्की ने कहा कि मैं मोदी जी को नमस्कार करती हूं. मुझ पर मोदी जी का बहुत अच्छा प्रभाव है. उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि वह इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं. नेपाल में हालिया मूवमेंट की अगुवाई कर रहे Gen-Z ग्रुप ने मुझ पर विश्वास जताया है कि मैं भले ही छोटी अवधि के लिए लेकिन सरकार की अगुवाई करूं.

उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता उन लोगों का सम्मान करने की होगी, जिन्होंने प्रदर्शनों में अपनी जान खोई है. कार्की ने कहा कि हमारा पहला काम प्रोटेस्ट के दौरान मारे गए लोगों के परिवार वालों के लिए कुछ करने का होगा. 

कार्की ने नेपाल का समर्थन को लेकर भारत की भूमिका की बात करते हुए कहा कि मैं भारत का बहुत सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. मैं मोदी जी की कार्यशैली से प्रभावित हूं. भारत ने नेपाल की बहुत मदद की है.

नेपाल के अस्थिर राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कार्की ने कहा कि नेपाल में शुरू से ही समस्याएं रही हैं. अब स्थिति मुश्किल है. हम नेपाल के विकास के लिए काम करेंगे. हम देश की नई शुरुआत करेंगे.

बता दें कि कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं. उन्होंने 2016 में यह पद संभाला था. लेकिन उन पर सरकार के काम में दखल देने का  आरोप लगाकर महाभियोग लाया गया था. लेकिन कार्की ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, कोर्ट ने इसके बाद उन्हें राहत देने से फैसले को पलट दिया था. 

नेपाल में बवाल: जेलब्रेक के दौरान कैदियों पर सेना की फायरिंग, 2 की मौत

नेपाल में उथल-पुथल और राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी है. इस बीच नेपाल के रामेछाप में कैदियों ने जेल से भागने की कोशिश की, जिसके बाद सेना ने गोली चला दी.

सेना की गोली लगने से दो कैदियों की मौत हो गई है. सेना से झड़प के दौरान 10 और कैदियों को गोली लगी है. नेपाल में सेना का नियंत्रण होने के बाद गोलीबारी की ये पहली घटना है. 

इससे पहले काठमांडू जेल ब्रेक से भागे बांग्लादेशी नागरिक को एसएसबी ने पकड़ा. यह शख्स सोने की तस्करी के आरोप में पांच साल से नेपाल में बंद था.

बिहार-नेपाल सीमा के रक्सौल सीमा की सुरक्षा में लगी SSB की 47 बटालियन ने एक बांग्लादेशी नागरिक महमद अबुल हसन ढाली को हिरासत में लिया. SSB 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडे ने बताया कि नेपाल में तीन दिनों से बदले स्थिति को देखते हुए सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है. बुधवार लगभग तीन बजे दिन में संदेह के आधार पर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया.

जांच में महमद अबुल हसन ढली ने बताया कि यह नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित जेल में पांच साल से कैद है और नेपाल में हुए जेल ब्रेक में भाग कर यह रक्सौल पहुंचा है, जिससे आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए हरपुर थाना को सौंपा जा रहा है.

बता दे कि नेपाल में ओली सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दूसरे ओर तीसरे दिन नेपाल के विभिन्न जिलों से लगभग 15000 कैदी जेल से भाग निकले हैं.

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