नई दिल्ली
भारत की खुदरा महंगाई दर अगस्त में सालाना आधार पर 2.07 प्रतिशत रही है। इसमें जुलाई के मुकाबले 46 आधार अंक की वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को दी गई। इससे पहले जुलाई में खुदरा महंगाई दर 1.61 प्रतिशत थी।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि महंगाई दर का निचले स्तरों पर बने रहने की वजह खाद्य महंगाई दर का नकारात्मक रहना है, जो कि अगस्त 2025 में सालाना आधार पर -0.69 प्रतिशत रही है। अगस्त में खाद्य महंगाई दर ग्रामीण क्षेत्र में -0.70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में -0.58 प्रतिशत रही है। इससे पहले जुलाई में खाद्य महंगाई दर -1.76 प्रतिशत थी।
सरकार की ओर से जारी किए गए डेटा में बताया गया कि अगस्त 2025 में ग्रामीण सेक्टर में हेडलाइन और खाद्य महंगाई दर में बढ़त देखने को मिली है। अगस्त 2025 में ग्रामीण इलाकों में हेडलाइन महंगाई दर 1.69 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई 2025 में 1.18 प्रतिशत थी।
अगस्त 2025 में ग्रामीण क्षेत्र में खाद्य महंगाई दर में -0.70 प्रतिशत रही है, जो कि अगस्त में -1.74 प्रतिशत थी। आंकड़ों के मुताबिक, शहरी इलाकों में हेडलाइन महंगाई दर अगस्त 2025 में 2.47 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई 2025 में 2.10 प्रतिशत थी। शहरी इलाकों में अगस्त में खाद्य महंगाई -0.58 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई -1.90 प्रतिशत थी। अगस्त में स्वास्थ्य महंगाई दर सालाना आधार पर 4.40 प्रतिशत रही है, जो कि जुलाई में 4.57 प्रतिशत थी।
परिवहन और संचार में महंगाई दर अगस्त में 1.94 प्रतिशत रही है, जो जुलाई में 2.12 प्रतिशत थी। ईंधन और प्रकाश में महंगाई दर अगस्त 2025 में 2.43 प्रतिशत थी, जोकि जुलाई में 2.67 प्रतिशत थी। अगस्त में सबसे अधिक 9.04 प्रतिशत की महंगाई दर केरल में थी। इसके बाद कर्नाटक (3.81 प्रतिशत), जम्मू और कश्मीर (3.75 प्रतिशत), पंजाब (3.51 प्रतिशत) और तमिलनाडु (2.93 प्रतिशत) का स्थान था।
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