नई दिल्ली
भारत में मेक इन इंडिया के 10 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह उच्च लक्ष्य निर्धारित करने, सप्लाई चेन को मजबूत करने, मजबूती बढ़ाने और रोजगार, निर्यात एवं हाई-क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग में योगदान देने का एक सही समय है। ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) के 65वें वार्षिक सत्र में केंद्रीय मंत्री गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हाल ही में घोषित जीएसटी सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना एक ऐतिहासिक सुधार है और ऑटो उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है।
ट्रैक्टरों के लिए जीएसटी रेट्स को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह सुधार प्रधानमंत्री की सराहना का पात्र है क्योंकि इससे स्पेयर पार्ट्स पहले से अधिक सस्ते हो जाएंगे, औपचारिकता मजबूत होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैल्यू चेन में मांग बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि जीएसटी रेट कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी रेट में कटौती का यह दौर आजादी के बाद का सबसे बड़ा सुधार है और इससे हर भारतीय को फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा कि 1.4 अरब लोगों में से एक भी नागरिक ऐसा नहीं होगा जिसे इन सुधारों से फायदा नहीं होगा।
दिवंगत रतन टाटा का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “लोग आप पर जो पत्थर फेंकते हैं, उन्हें स्वीकार करें और एक स्मारक बनाएं।” उन्होंने कहा कि राष्ट्र को चुनौतियों से विचलित नहीं होना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ-साथ सामूहिक प्रयास से भारत निरंतर मजबूत होता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कोरोना के दौरान देश की मजबूती की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने 100 से अधिक देशों को दवाइयां और टीके (कुछ मुफ्त) उपलब्ध करवाने से लेकर बिना किसी मुनाफा के आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर सभी वैश्विक प्रतिबद्धता को पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा कि इससे भारत को वैश्विक रूप से विश्वास प्राप्त हुआ है और आज देश की पहचान एक विश्वसनीय एवं भरोसेमंद साझेदार के रूप में होती है।
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