सेवा पर्व बनेगा ‘स्वच्छ उत्सव’: वन विभाग की अनोखी पहल

उत्तर प्रदेश राज्य

शासन स्तर पर नोडल अधिकारी बने सचिव पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन

वन विभाग ने विभाग स्तर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना)  को नामित किया नोडल अधिकारी  

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराए जाएंगे आयोजन,  बाघ मित्र, सारस मित्र, वेटैंलड मित्र आदि भी कार्यक्रम में होंगे शामिल

लखनऊ,

17 सितंबर से दो अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पर्व को वन विभाग 'स्वच्छ उत्सव' के रूप में भी मनाएगा। इस दौरान स्वच्छता अभियान, सिंगल यूज प्लास्टिक विरोधी अभियान, पक्षी अभयारण्यों में खर-पतवारों की सफाई के लिए भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण आदि विषयों पर जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने इस संबंध में मुख्यालय व जनपद स्तर पर सभी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। वहीं अभियान की देखरेख के लिए शासन व विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी को भी नामित किया गया है।

शासन स्तर पर सचिव वन-पर्यावरण को बनाया नोडल अधिकारी
17 सितंबर से दो अक्टूबर तक होने वाले सेवा पर्व के समन्वय व निगरानी के लिए शासन स्तर पर उप्र के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव सुशांत शर्मा को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वहीं वन विभाग ने विभागीय स्तर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (परियोजना) रामकुमार को आयोजन की सफलता के लिए नोडल अधिकारी नामित किया है।

पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भी होगा पौधरोपण
श्री चौधरी ने बताया कि पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती (25 सितंबर) को प्रत्येक जनपद में पौधरोपण कार्यक्रम होगा। वन विभाग की ओर से आमजन, संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों को पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। पं. उपाध्याय की जन्मदिवस पर एक घंटे का वृहद कार्यक्रम किया जाएगा। इसमें सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों, स्कूली बच्चों, एनजीओ, रोटरी-लायंस क्लब, ग्राम पंचायत सदस्यों, शिक्षकों, उद्योगपतियों, मेडिकल एसोसिएशन आदि को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही वन विभाग की सहयोगी संस्थाएं बाघ मित्र, सारस मित्र, वेटलैंड मित्र आदि भी इस कार्यक्रम की वाहक बनेंगी।

15 लाख पौधरोपण अभियान को भव्य बनाने को सौंपी गई जिम्मेदारी
पौधरोपण महाभियान-2025 के मिशन निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि सेवा पर्व के दौरान प्रदेश में 15 लाख पौधरोपण होंगे। सेवा पर्व का शुभारंभ 17 सितंबर को होगा। इसमें सभी 34 नगर वन में कम से कम 100 पौधे रोपित किए जाएंगे। इसमें जनसहयोग, स्वयंसेवी संगठनों, स्कूलों, ईको क्लब, स्वयं सहायता समूह, सिविल सोसायटी आदि का भी सहयोग रहेगा। जिलाधिकारी, नगर विकास व अन्य विभागों से परामर्श कर स्थल का चयन किया जाएगा। नगरीय क्षेत्रों, नदी के कैचमेंट, तालाबों के किनारे आदि स्थानों पर पौधरोपण अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोजन में महापौर, सांसद, विधायक समेत सभी जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रहेगी। विभाग ने हर जनपद में नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही नवाचार पर भी जोर दिया है।

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