रोहतक
विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रोहतक की बॉक्सर मीनाक्षी हुड्डा ने गोल्ड मेडल जीता है। मीनाक्षी ने कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे को हराकर स्वर्ण पदक जीता। मीनाक्षी ने दो माह बाद ही बदला ले लिया। नाजिम क्यजैबे चार बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी है। इसके अलावा पिछले पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता खिलाड़ी है।
कोच विजय हुड्डा ने बताया कि जुलाई में बॉक्सिंग का वर्ल्ड कप कजाकिस्तान में हुआ था। इस वर्ल्ड कप में कजाकिस्तान की बॉक्सर नाजिम क्यजैबे के साथ ही मीनाक्षी का फाइनल मैच था। उन्होंने दावा किया कि इसमें मीनाक्षी को विवाद पूर्ण तरीके से हरा दिया था जिसके कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। जहां वर्ल्ड कप हो रहा था उसी देश की होने के कारण उस खिलाड़ी को फायदा हुआ। उन्होंने बताया कि उसी समय से मीनाक्षी ने मन में ठान लिया था। इस बॉक्सर से बदला जरूर लूंगी। वह बदला पूरा हो गया। उन्होंने विजेता खिलाड़ी को बधाई दी व आगे भी शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
मीनाक्षी ने बताया कि फाइनल मैच में पहला राउंड 4-1 से जीता, लेकिन दूसरे राउंड में 3-2 से हार का सामना करना पड़ा। मन में था इससे बदला लेना है। किसी भी हालत में तीसरा राउंड जितना है। तीसरे राउंड में शुरू से ही अपना दबदबा बनाया। राउंड को एक तरफा करते हुए 4-1 से पदक जीता।
मीनाक्षी के पिता कृष्ण ने बताया कि बेटी की जीत से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उसने पूरे गांव, कोच, प्रदेश व देश का नाम रोशन कर दिया। पूरे परिवार ने मीनाक्षी के सभी मैच लाइव देखे। पिता ने कहा कि मुझे बेटी पर गर्व है। मीनाक्षी आगे भी शानदार प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करेगी।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

