आज पूरे MP में बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट – इन जिलों में सतर्कता जरूरी

मध्य प्रदेश राज्य

 भोपाल
 मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश का दौर जारी है। सोमवार शाम साढ़े पांच बजे तक कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायसेन में सबसे ज्यादा 51 मिमी, सतना में 32 मिमी, नर्मदापुरम में 20 मिमी, सिवनी में 18 मिमी और पचमढ़ी में 31 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा 17 अन्य स्थानों पर भी बारिश दर्ज की गई।

भोपाल में बारिश

राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज बरसात हुई। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में उत्तरी तेलंगाना और पूर्वी बिहार की ओर हवा के ऊपरी हिस्सों में चक्रवात सक्रिय है, जो 3.1 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बने हुए हैं। इन्हीं सिस्टम की वजह से प्रदेश में अगले दो से तीन दिनों तक छिटपुट बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक, यदि लोकल सिस्टम की एक्टिविटी रही तो कुछ जिलों में तेज पानी गिर सकता है। इससे पहले सोमवार को भोपाल में दिनभर धूप खिलने के बाद शाम साढ़े 5 बजे बादल बरस पड़े। कई इलाकों में आधा घंटा तक तेज बारिश हुई।

रायसेन, सतना, मंडला, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, सिवनी में भी बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 2 इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना में सवा इंच और मंडला-पचमढ़ी में आधा इंच पानी बरसा।

राजस्थान से लौट रहा मानसून रविवार को राजस्थान के कई जिलों से मानसून की वापसी हो गई। अगले दो-तीन दिन में पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट सकता है। इसके बाद एमपी से भी मानसून की वापसी होने लगेगी। हालांकि, सितंबर में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।

एमपी में कोटे से ज्यादा पानी गिरा बता दें कि मध्यप्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 42.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 35.2 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है।

इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं।

ग्वालियर, चंबल-सागर की स्थिति सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई।

ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं।

अच्छी बारिश वाले 34 में से भोपाल संभाग के चार, जबलपुर संभाग के 5, इंदौर संभाग के 3, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर संभाग के 5, उज्जैन संभाग के 4, रीवा संभाग के 3, शहडोल-नर्मदापुरम संभाग के एक-एक जिला शामिल हैं।

 

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