इंदौर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष अवसर पर विजयादशमी को होने वाले पंथ संचलन को लेकर स्वयंसेवकों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है।
अब तक डेढ़ लाख गणवेश लिए जा चुके हैं। यह पहला अवसर है जब गणवेश की पूर्ति के लिए रामबाग के अर्चना कार्यालय के साथ-साथ आरएसएस के पांच जिलों के 36 नगरों में वस्तु भंडार खोले गए हैं।पिछले वर्ष विजयादशमी पर जहां 65 हजार स्वयंसेवकों ने कदम ताल किया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या दो लाख के पार जाने की संभावना है।
इस बार पांच अक्टूबर को पथ संचलन -दशहरे के दो दिन बाद यानी पांच अक्टूबर को विभिन्न नगरों से निकलने वाले पथ संचलन में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे, जिनमें संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का नाम प्रमुख है। पहली बार संचलन के बाद प्रकट शारीरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
5 अक्टूबर का दिन चुनने का कारण
यह बताया जा रहा है कि इस दिन रविवार है, जिससे स्कूलों की छुट्टी होगी और ट्रैफिक कम रहेगा। मातृ शक्तियों के लिए भी आगमन सुविधाजनक होगा। इस बार समाज के विभिन्न प्रतिनिधि भी गणवेश में रहेंगे, जिसमें व्यापारी, व्यवसायी और कार्पोरेट क्षेत्र से जुड़े नौकरीपेशा भी शामिल होंगे।
संचलन का सिलसिला सुबह 9.30 बजे शुरू होगा और शाम 5.30 बजे तक जारी रहेगा। इंदौर में हर संचलन में 4-5 हजार स्वयंसेवकों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। शहर से निकलने वाले 36 पथ संचलनों के मार्ग तय हो गए हैं और उनकी जिम्मेदारी पर चर्चा जारी है। केंद्रीय स्तर के आने वाले पदाधिकारियों के नाम भी निर्धारित किए जा रहे हैं।
संघ प्रमुख ने पदाधिकारियों से किया कई बार संवादसंघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष के आयोजनों को लेकर स्थानीय स्तर के पदाधिकारियों से कई बार संवाद किया है। इस वर्ष नौ माह में वे चार बार इंदौर आए हैं। इस दौरान उन्होंने अनुषांगिक संगठनों के साथ मिलकर शताब्दी वर्ष की तैयारी को लेकर मालवा प्रांत के पदाधिकारियों से चर्चा की।
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