मुख्य सचिव अमिताभ जैन का नया सफर: बिजली विनियामक आयोग के बनेंगे चेयरमैन

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

प्रदेश के मुख्य सचिव अमिताभ जैन की विदाई की तैयारी शुरू हो गई है. सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें बिजली विनियामक आयोग का चेयरमैन बनाए जाने की खबरें आ रही हैं. यह पद दो दिन बाद खाली हो रहा है. इसके पहले अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की बात कही जा रही थी.

तीन महीने का एक्सटेंशन समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे. उनकी विदाई से पहले ही उनके लिए बिजली विनियामक आयोग का चेयरमैन का सम्मानजनक खाली हो रहा है. ऐसे में उनके खाली रहने की आशंका नहीं है.

इसके पहले उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त के लिए इंटरव्यू दिया था. ऐसे में माना जा रहा था कि वे मुख्य सूचना आयुक्त बनेंगे. लेकिन जानकार बताते हैं कि इस नियुक्ति में हाईकोर्ट का पेंच फंसा हुआ है. इस वजह से सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस पर कोई पहल भी नहीं की जा रही.

वैसे भी बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन का पद मुख्य सूचना आयुक्त के पद की तुलना में अधिक बेहतर और सम्मानजनक है. बिजली की रेगुलेटरी बॉडी होने की वजह से इस पद का ग्लेमर भी रहता है. 28 में से करीब डेढ़ दर्जन राज्यों में रिटायर नौकरशाह बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन हैं.

त्रिपुरा जा रहे हैं हेमंत वर्मा
2021 में बिजली विनियामक आयोग के चेयरमैन बनाए गए हेमंत वर्मा एक साल पहले पद छोड़कर त्रिपुरा जा रहे हैं. जुलाई 2026 में उनका पांच साल होता. मगर हेमंत का त्रिपुरा बिजली विनियामक आयोग में सलेक्शन हो गया है. वे 19 सितंबर को यहां से रिलीव हो जाएंगे. इसके बाद यह पद खाली हो जाएगा.

सरकार बदलने का असर नहीं
बिजली विनियामक आयोग के अध्यक्ष पद एक संवैधानिक पद है, जिसे सरकार बदलने के बाद भी हटाया नहीं जा सकता. इसके लिए हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी चयन करती हैं. नियुक्ति के बाद चेयरमैन का कार्यकाल पांच साल या 65 बरस होता है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry