बिजली व्यवस्था मजबूत: ग्वालियर के उपकेंद्रों पर कैपेसिटर बैंक से दूर होगी लो-वोल्टेज दिक्कत

फर्श से अर्श तक

ग्वालियर
बिजली उपभोक्ताओं को अब पहले से ज्यादा स्थिर बिजली मिलेगी। उन्हें अब लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी, क्योंकि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश भर में 417 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब स्टेशनों में से 412 सब स्टेशनों पर विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक लगा दिए हैं।

इन कैपेसिटर बैंकों की मदद से वोल्टेज में स्थिरता लाई जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बार-बार उपकरण खराब होने की समस्या से निजात मिलेगी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ट्रांसमिशन सिस्टम और अधिक मजबूत हो रहा है।
 
यह होते हैं कैपेसिटर बैंक
कैपेसिटर बैंक (संधारित्र बैंक) कई कैपेसिटर का एक समूह होता है, जो विद्युत ऊर्जा को संग्रहित और जारी करने के लिए एक साथ समानांतर या श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं। इन्हें विद्युत प्रणालियों की दक्षता में सुधार करने, पावर फैक्टर को सही करने और प्रतिक्रियाशील शक्ति को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। ग्वालियर जिले में 11 हाई टेंशन सब स्टेशनों पर 222 एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंक क्रियाशील किए गए हैं।

एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों से विद्युत आपूर्ति के दौरान पावर ट्रांसफार्मर पर प्रायः इंडक्टिव लोड (सिंचाई मोटर एवं घरेलू उपकरण) होता है, जिससे वोल्टेज में कमी आती है और विद्युत गुणवत्ता प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए कैपेसिटर बैंक लगाए गए हैं, जो अपने कैपेसिटिव लोड के माध्यम से उस इंडक्टिव प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप पावर फैक्टर में सुधार होता है और उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति होती है।

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