जलालाबाद
अफगानिस्तान में तालिबान ने अजीबोगरीब फरमान जारी किया है। तालिबानी शासन ने "अनैतिकता रोकने" के नाम पर पूरे देश में इंटरनेल और फाइबर-ऑप्टिक सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पूरे देश में खलबली मच गई है। तालिबान द्वारा शुरू की गई यह सख्ती अब पूरे देश में लागू हो चुकी है। देश के सर्वोच्च नेता द्वारा फाइबर-ऑप्टिक इंटरनेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कई और प्रांत इंटरनेट सेवाओं से कट गए हैं।
4 साल से सत्ता में है तालिबान
तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता संभाली थी। इसके बाद यह पहली बार है जब इस तरह का व्यापक प्रतिबंध लगाया गया है। इस फैसले से अब सरकारी दफ्तरों, निजी क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों के घरों में Wi-Fi इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप हो गई है। हालांकि मोबाइल इंटरनेट सेवा अब भी चालू है। अधिकारियों का कहना है कि "जरूरी कार्यों" के लिए वैकल्पिक उपायों की तलाश की जा रही है। मंगलवार को उत्तरी बल्ख प्रांत में Wi-Fi सेवा के बंद होने की पुष्टि की गई, वहीं देश के अन्य हिस्सों से भी भारी व्यवधान की खबरें मिल रही हैं। गुरुवार को बघलान, बदख्शान, कुंदुज़, नंगरहार और तखार जैसे प्रांतों में इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई।
अफगान मीडिया ने की निंदा
अफगान मीडिया समर्थन संगठन (AMSO) ने इस प्रतिबंध की कड़ी निंदा की और अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। संगठन ने कहा, "तालिबान नेता के आदेश पर उठाया गया यह कदम न केवल लाखों नागरिकों की मुफ्त सूचना और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को बाधित करता है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मीडिया कार्यों के लिए भी एक गंभीर खतरा है। पिछले वर्ष, संचार मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह अलोकोज़ई ने TOLO न्यूज़ को बताया था कि अफगानिस्तान में 1,800 किलोमीटर से अधिक लंबा फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क है, और इसमें 488 किलोमीटर और जोड़ने की मंजूरी भी दी गई थी। नंगरहार संस्कृति निदेशालय के सिद्दीकुल्लाह कुरैशी ने एसोसिएटेड प्रेस को इस प्रतिबंध की पुष्टि की। कुंदुज़ के राज्यपाल कार्यालय ने एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में इंटरनेट बंदी की सूचना साझा की।
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