भोपाल
देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी लाखों युवा बेरोजगार हैं। ये युवा प्रतिभावान होने के साथ ही उच्च शिक्षित भी हैं पर उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही। दरअसल रोजगार परक कोर्स नहीं किए जाने के कारण ये दिक्कत आती है। प्राइवेट कंपनियों और उद्योगपतियों का कहना है कि युवा उच्च शिक्षा जरूर लेते हैं पर उनमें उद्योगों के लिए आवश्यक तकनीकी कौशल का अभाव पाया जाता है। एमपी में अब यह दिक्कत दूर करने की पहल की गई है। प्रदेश के तकनीकी संस्थानों से निकलनेवाले युवाओं और उद्योगों, कंपनियों के लिए जरूरी कौशल के बीच की खाई पाटने के लिए अहम करार किया गया है। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी), राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) और एलएंडटी एजूटेक के बीच एक एमओयू किया गया है। इसके अंतर्गत प्रदेश में एलएंडटी द्वारा विकसित स्पेशल कोर्स लांच किए जा रहे हैं। कोर्स पूरा करने पर स्टूडेंट को सर्टिफिकेट मिलेंगे जोकि युवाओं को तुरंत नौकरी दिला सकेंगे।
मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयीन कोर्स को उद्योगों, कंपनियों की वास्तविक मांगों से जोड़कर इंड्स्ट्री-रेडी इंजीनियर तैयार करने की पहल की गई है। प्रदेश में हर साल 50 हजार से ज्यादा इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी स्नातक नौकरी बाजार में आ रहे हैं। अकादमिक-औद्योगिक तालमेल की जरूरत को देखते हुए एलएंडटी एजूटेक द्वारा विशेष पाठ्यक्रम बनाए गए हैं। पायलट
प्रोेजेक्ट के रूप में इन्हें आरजीपीवी के माध्यम से लांच किया गया है।
इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत तकनीकी मानव संसाधनों को वास्तविक परियोजनाओं, वर्चुअल लैब और इंडस्ट्री-लीडरशिप एनेबल्ड सत्रों के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है। आरजीपीवी के कुलगुरू प्रो. राजीव त्रिपाठी, एमपीएसईडीसी, निवेश संवर्धन प्रभारी अवंतिका वर्मा और एलएंडटी एजूटेक टीम लीड राजा पांचाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

