समस्तीपुर
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में समस्तीपुर के विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के छह ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई में फ्लैट, शॉपिंग मॉल निवेश, जमीन और संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं. प्रारंभिक जांच में 77% से अधिक संपत्ति अवैध पाई गई है.
बिहार में आय से अधिक संपत्ति (DA) मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को समस्तीपुर के विद्युत अधीक्षण अभियंता विवेकानंद के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई में गोरखपुर और वाराणसी में जमीन की खरीद, समस्तीपुर के शॉपिंग मॉल में निवेश और दानापुर स्थित फ्लैट के दस्तावेज मिले हैं. वहीं, सीवान में उनके पैतृक आवास और एक लॉकर से जुड़ी जानकारी भी ईओयू को हाथ लगी है.
फ्लैट और बैंक खातों से जुड़े अहम सबूत
दानापुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी में उनके फ्लैट से जमीन से संबंधित कागजात, बीमा रसीदें, डेबिट-क्रेडिट कार्ड और वाहन संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए. ईओयू ने बताया कि विवेकानंद की पत्नी बॉबी के नाम पर सीवान एसबीआई में एक लॉकर भी मिला है, जिसकी तलाशी अभी ली जानी है. जांच में यह भी सामने आया कि विवेकानंद ने एचडीएफसी बैंक में मेसर्स आया इंटर प्राइजेज और मेसर्स ग्रेस इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवेलपर्स के नाम पर खाते खोले थे. इन खातों में उनकी पत्नी का पैन कार्ड जुड़ा हुआ है.
संदिग्ध बैंक लेनदेन का खुलासा
जांच में पाया गया कि एचडीएफसी बैंक में ललन सिंह और विसर्जन सिंह के नाम से भी खाते खोले गए थे, जिनसे विवेकानंद का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी लिंक था. इन खातों में उनके पदस्थापन स्थलों से नगद और यूपीआई के माध्यम से बड़ी रकम जमा की जाती थी. बाद में यह धनराशि उनके खुद के, पत्नी के या संबंधित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खातों में ट्रांसफर की गई.
77% से अधिक की संदिग्ध संपत्ति
प्रारंभिक जांच में विवेकानंद की कुल वैध आय 2.74 करोड़ रुपये पाई गई है, जबकि उनकी संपत्तियां 4.87 करोड़ रुपये से अधिक की हैं. यानी उन्होंने अपनी आय से करीब 77.84% अधिक संपत्ति अर्जित की है. ईओयू का मानना है कि दस्तावेजों के पूर्ण मूल्यांकन के बाद यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है.
पैतृक और खरीदी गई संपत्तियां
विवेकानंद सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के संठी गांव के रहने वाले हैं. इसके अलावा उन्होंने रसीदचक में एक चार मंजिला मकान भी खरीदा है. जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2009 में सहायक विद्युत अभियंता के रूप में सेवा शुरू की थी और अब तक सहरसा, दलसिंगसराय, हाजीपुर, मोतिहारी, पूर्णिया, छपरा, रोहतास और पटना में तैनात रह चुके हैं.
ईओयू की आगे की कार्रवाई
ईओयू की टीम अब तक मिले दस्तावेजों का विस्तृत आकलन कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि बैंक खातों और संपत्तियों से जुड़ी कड़ियां जोड़ने के बाद विवेकानंद के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.
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