भोपाल
मध्य प्रदेश में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाया जाए तो हर साल 10 हजार से अधिक लोगों की जान बच सकती है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 75 प्रतिशत मामले तेज रफ्तार के रहे। पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, जबकि 2023 से 13 हजार 798 लोगों की जान चली गई थी।ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर हुई मौतों की संख्या शहरी क्षेत्र की तुलना में दोगुना से भी अधिक है।
ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर दुर्घटनाओं से लगभग नौ हजार लोगों की मौत हुई है। पिछले चार वर्ष से यह संख्या आठ हजार से नौ हजार के बीच है। इसका कारण यह है कि भीड़ नहीं होने के कारण लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं। दूसरा यह की सड़कों पर संरक्षा (सेफ्टी) मापदंडों का पालन भी ठीक से नहीं हो पाता।
अंधेरा, अंधा मोड़, संकरी सड़क जैसे ब्लैक स्पाट भी यहां दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुल मौतों में शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पुलिस मुख्यालय अब इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों और संबंधित एजेंसियों को दुर्घटनाएं रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करने जा रहा है।
ये है दुर्घटनाओं की बड़ी वजह
मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का अमला मात्र साढ़े तीन हजार है, जबकि जिस तरह से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे इसका दोगुना पुलिस बल चाहिए।
मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पाट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या घटने की जगह बढ़ रही है। इनकी संख्या 400 से अधिक है। स्थायी तौर पर इस समस्या को हल करने के लिए जिम्मेदार एजेंसिया रुचि नहीं ले रही हैं।
पुलिस की चेकिंग के दौरान चालान की कार्रवाई में सबसे अधिक ध्यान हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर रहता है। दोनों को मिला लें तो प्रतिवर्ष आंकड़ा औसत 10 लाख के ऊपर रहता है, जबकि तेज गति से वाहन चलाने वालों में 50 हजार के विरुद्ध भी कार्रवाई नहीं होती।
वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी
यह सही है कि सड़क हादसों की बड़ी वजह तेज गति से वाहन चलाना है। सभी को गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सड़कें बेहतर होने से रफ्तार भी बढ़ी है। दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर भी यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। – शाहिद अबसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पीटीआरआई)।
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