चंडीगढ़
दो साल में सोने के दाम 94 फीसदी और चांदी के दाम 180 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने से हरियाणा के सर्राफा बाजार में मंदी नजर आने लगी है। ज्वेलर्स के मुताबिक सोना-चांदी कारोबार में 40 फीसदी की कमी आई है। हरियाणा में धनतेरस पर सर्राफा बाजार में एक हजार करोड़ रुपये का व्यापार अनुमानित है।
हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने बताया कि इस बार कारोबार पर ऐसी मार है कि कारीगरों की नौकरी संकट में है। पहले भारी और डिजाइनर गहनें बनवाने वाले लोग पितृपक्ष से ऑर्डर करने लगते थे और नवरात्रि में ऑर्डर की धूम मच जाती थी। इस बार स्थिति एकदम उलट है, पितृपक्ष से पहले हर बार के मुकाबले मात्र 15 से 25 फीसदी ही ऑर्डर मिले थे। इसी तरह नवरात्रों में भी ऑर्डर कम मिल रहे हैं और ज्यादातर हल्के गहनों की मांग है।
2023 में धनतेरस पर सोना 55 हजार रुपये तोला था
2023 में धनतेरस के समय सोने का दाम 55 हजार से 58 हजार रुपये तोला था जबकि चांदी 50 हजार रुपये किलो थी। अक्तूबर 2024 में धनतेरस पर सोने का दाम 78 से 80 हजार रुपये तोला पहुंच गया है। चांदी एक लाख एक हजार रुपये किलो थी। 2025 के नवरात्रों तक ही सोने का दाम 1.13 लाख रुपये और चांदी की दाम 1.40 लाख रुपये किलो तक छू चुका है।
2024 में धनतेरस पर 1100 करोड़ का हुआ था कारोबार
हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के मुताबिक 2024 में नवरात्र से बंपर ऑर्डर मिलने लगे थे। धनतेरस पर प्रदेश में करीब 1,100 करोड़ रुपये के सोने-चांदी की बिक्री हुई थी। इनमें 11 टन से अधिक सोना और 3,500 किलो चांदी की बिक्री हुई थी।
सात जिलों में सोना और चार में चांदी की बिक्री ज्यादा
हरियाणा अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा के मुताबिक राज्य के सात जिलों में सबसे ज्यादा सोने के आभूषणों की बिक्री होती है। इसमें गुरुग्राम, अंबाला, पानीपत, हिसार, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी हैं। वहीं, मेवात, झज्जर, नारनौल और महेंद्रगढ़ जिलों में चांदी की बिक्री ज्यादा होती हैं।
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