बुधवार से इंदौर में BRTS कॉरिडोर का ध्वस्तिकरण, 12 साल पुरानी सेवा अब खत्म होने को

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर

इंदौर के विवादित बीआरटीएस कॉरिडोर की आखिरकार उलटी गिनती शुरू हो गई है। मेयर इन काउंसिल ने इसे तोड़ने के लिए औपचारिक मंजूरी जारी कर दी है और संभवतः बुधवार से एजेंसी इसे तोड़ने का काम शुरू करेगी। इसके टूटने से निगम को ढाई करोड़ की राशि मिलेगी। डिवाइडर बनाने में 12 करोड़ करीब खर्च होंगे।

बीआरटीएस 300 करोड़ में बना था

    इंदौर बीआरटीएस साल 2013 में शुरू हुआ था। तब प्रारंभिक लागत 90 करोड़ मानी गई लेकिन बनते-बनते यह 300 करोड़ हो गई। इंदौर में यह 11.47 किमी लंबा है। इसमें हर दिन 60 हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। इसमें हर 500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया गया। निरंजनपुर से राजीव गांधी प्रतिमा चौराहे तक यह कॉरिडोर अभी मौजूद है, जिसे अब तोड़ा जाएगा। इसमें दोनों ओर की रैलिंग के साथ ही बस स्टॉप को हटाया जाएगा और बीच में डिवाइडर बनाएंगे, जिससे रोड चौड़ा होगा। कई जंक्शन पर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे तोड़ने की घोषणा की थी। बाद में हाईकोर्ट ने भी इस पर मुहर लगाई।

महापौर की बैठक में लगी मुहर

शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा महापौर सभाकक्ष में मेयर इन कौंसिल की बैठक में इसका फैसला लिया गया। बीआरटीएस कॉरिडोर इंदौर की आरसीसी बीम, एमएस रेलिंग एवं बस शेल्टर्स को तोड़ने के संबंध में प्राप्त ऑफर रेट की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत उपरोक्त कार्य को हटाने के साथ ही निविदा शर्त अनुसार निर्माण कार्य भी प्रारंभ करने के संबंध में निर्देशित किया गया।
बैठक में यह भी लिए गए फैसले

महापौर भार्गव ने बताया कि इंदौर देश में स्वच्छता का पाठ सिखाता है, इंदौर स्वच्छता का मॉडल है, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर शासन के निर्देशनुसार स्वच्छता गुरु बनकर इंदौर के समीप देपालपुर नगर परिषद को स्वच्छता का पाठ पढ़ाएगा और स्वच्छता अभियान में सहयोग करेगा। इसके लिए जल्द नगर निगम एवं देपालपुर परिषद के मध्य एमओयू भी साइन होगा, ताकि इंदौर देपालपुर को भी स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग कर सके।

भविष्य में शहर की फायर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, 70 मीटर ऊंचाई के अग्निशमन कार्यार्थ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रय रखरखाव के साथ क्रय करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई, यह विशेष फायर टेंडर फिनलैंड से असेंबल होकर पहुंचेगे।

बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राशि 10.78 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब तथा राशि 3.24 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के विकास एवं जीर्णोद्धार संबंधित कार्यों की निविदा दर एवं अनुबंध करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में निगमायुक्त दिलीपकुमार यादव, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, निरंजनसिंह चौहान, नंदकिशोर पहाडिया, अभिषेक शर्मा बबलु, राजेश उदावत, मनीष शर्मा मामा, अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख व अन्य उपस्थित थे।

कोर्ट के आदेश के सात माह बाद अब तोड़ा जाएगा

    2.5 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिलेगी निगम को
    12 वर्ष का सफर अब थमेगा
    3 एजेंसियां मिलकर बनाएंगी डिवाइडर
    90 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था बीआरटीएस निर्माण पर, जो बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया
    बीआरटीएस मार्ग में जहां फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं, वहां फिलहाल डिवाइडर बनाने के बजाय रेलिंग लगाई जाएगी
    12 करोड़ रुपये खर्च आएगा बीआरटीएस मार्ग पर डिवाइडर बनाने में निगम को

एक और नवाचार की तैयारी

बीआरटीएस तोड़ने के बाद मार्ग में बनाए जाने वाले डिवाइडर में पौधारोपण होगा। इन पौधों तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष पाइप लाइन डिवाइडर में बिछाई जाएगी। एक बटन दबाते ही 11 किमी लंबे मार्ग में बनाए डिवाइडरों में रोपे गए पौधों तक पानी पहुंच जाएगा।
निरंजनपुर से शुरू होकर राजीव गांधी प्रतिमा तक जाता है बीआरटीएस

    11.47 किमी लंबा है बीआरटीएस
    21 बस स्टैंड हैं बीआरटीएस पर
    14 क्रास चौराहे आते हैं मार्ग पर
    500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया है
    40 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे इस मार्ग पर

डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा

    बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी बुधवार से काम शुरू कर देगी। शुक्रवार को हुई एमआइसी की बैठक में दो करोड़ 55 लाख 56 हजार 860 रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। बीआरटीएस तोड़ने के साथ ही मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा ताकि यातायात बाधित न हो। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

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