जालंधर
संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस शहरी के प्रधान पद को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा। जिला कांग्रेस शहरी में “कुर्सी का संग्राम” को लेकर सग्राम चल रहा है और गुटबाजी से हाईकमान चिंतित है। इसी के चलते आब्जर्वर व सह आब्जर्वरों ने फिर कमान संभालनी पड़ी है।
कांग्रेस भवन जालंधर में आज ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से नियुक्त आब्जर्वर राजेश लिलोठिया ने सभी दावेदारों के साथ एक बार फिर अहम बैठक कर पैनल गठन को लेकर मंथन किया। बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस की ओर से नियुक्त सह आब्जर्वर टीना चौधरी, विकास सोनी और शाम सुंदर अरोड़ा भी मौजूद रहे।मीटिंग के अलावा आब्जर्वर और सह आब्जर्वरों ने कई पार्षदों, विभिन्न सेल के पदाधिकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इससे संगठनात्मक हालात का जमीनी स्तर पर अंदाजा लगाया जा सके। हालांकि आज भी कई दावेदार अपनी-अपनी लिस्टें और समर्थकों के साथ दबदबा दिखाने में जुटे दिखाई दिए। हाईकमान किस पर भरोसा जताएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
अब इतना तय है कि इस खींचतान ने कांग्रेस संगठन की अंदरूनी कमजोरी और गुटबाजी को पूरी तरह उजागर कर दिया है। आज आब्जर्वर से मीटिंग करने वाले दावेदारों में जिला कांग्रेस शहरी के प्रधान राजिंदर बेरी, प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव दीपक खोसला, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव मनु बडिंग, महिला कांग्रेस की कोऑर्डिनेटर डा. जसलीन सेठी, पूर्व पार्षद पति रवि सैनी, पार्षद बंटी नीलकंठ, पार्षद पवन कुमार, कांग्रेस व वाल्मीकि नेता राजेश भट्टी और राजकुमार राजू, युवा नेता संजय सहगल, दिनेश कुमार, हामिद मसीह व अन्य मौजूद रहे। वहीं 16 में से किसी एक को जिला प्रधान बनाए जाने की स्थिति में बाकी 15 दावेदारों में गुटबाजी और धड़ेबंदी की आशंका जताते हुए आब्जर्वर लिलोठिया ने सभी दावेदारों को स्पष्ट अनुशासन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती और संगठन की एकजुटता सर्वोपरि है। किसी एक के प्रधान बनने पर बाकी दावेदारों को अनुशासन में रहते हुए कंधे से कंधा मिलाकर काम करना होगा। वहीं राजेश लिलोठिया द्वारा प्रत्येक दावेदार से 100-100 समर्थकों की लिस्ट सौंपने के मैसेज के बाद कई दावेदारों ने लिस्टों को मोबाइल नंबरों सहित ऑब्जर्वर को सौंप दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि इन समर्थकों से कभी भी संपर्क कर फीडबैक लिया जा सकता है। कुछ दावेदारों ने लिस्ट तत्काल सौंप दी, जबकि कुछ ने 1-2 दिन का समय मांगा।
ब्लॉक प्रधानों की राय, ”बेरी को रिपीट करो”
आब्जर्वर राजेश लिलोठिया और सह आब्जर्वरों ने जालंधर नॉर्थ, सैंट्रल, वैस्ट और कैंट विधानसभा हलकों के ब्लॉक कांग्रेस प्रधानों में शामिल राजेश जिंदल टोनू, दीपक शर्मा मोना, रछपाल जाखू, हरमीत सिंह, जगदीप सिंह पवार, प्रेम नाथ के साथ भी बैठक की गई। जबकि नॉर्थ हलका-1 के ब्लाक प्रधान जगजीत सिंह कंबोज के अमेरिका में होने के कारण वह मौजूद नहीं हुए। इस दौरान कई ब्लॉक प्रधानों ने साफ राय दी कि 2027 के विधानसभा चुनाव अब महज डेढ़ साल दूर हैं। ऐसे समय जिला प्रधान में बदलाव करना उचित नहीं होगा। उनका कहना था कि मौजूदा जिला प्रधान राजिंदर बेरी को ही रिपीट किया जाए। उन्होंने दलील दी कि यदि अगले विधानसभा चुनाव में बेरी को टिकट मिलती है तो अन्य दावेदारों का पैनल हाईकमान के पास पहले से मौजूद है। उस समय किसी नए चेहरे को जिला प्रधान बनाया जा सकता है। हालांकि, कुछ दावेदारों ने बाद में ऑब्जर्वर से मिलकर इस पर आपत्ति भी जताई। उनका कहना था कि मौजूदा ब्लॉक प्रधानों की नियुक्ति खुद राजिंदर बेरी ने की है, इसलिए उनका झुकाव और समर्थन बेरी के पक्ष में होना स्वाभाविक है।
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