सरकारी कृषि कॉलेजों में यूजी सीटें खाली, जबलपुर और ग्वालियर में रजिस्ट्रेशन धीमा

फर्श से अर्श तक

जबलपुर

कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और ग्वालियर में यूजी की सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 18 सितंबर से चल रही है, जो आठ अक्टूबर तक चलेगी।प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) का रिजल्ट आने के बाद दोनों विवि के 17 सरकारी कालेजों की करीब 1472 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन इस बार एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की घटती संख्या ने दोनों विवि की चिंता बढ़ा दी है।

दरअसल, पहली आनलाइन काउंसलिंग में 1472 सीटों के लिए सिर्फ 2715 विद्यार्थियों ने ही पंजीयन कराया है, जबकि 12 हजार 563 विद्यार्थी पीएटी परीक्षा में सफल रहे। इनमें नौ हजार 848 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने पीएटी उत्तीर्ण करने के बाद भी काउंसलिंग में भाग नहीं लिया।

जबलपुर विवि के जानकार बताते हैं कि प्रदेश के अन्य निजी और आटोनामस कालेजों में बिना पीएटी के प्रवेश दिया जा रहा है। पीएटी उत्तीर्ण करने वाले अधिकांश विद्यार्थियों ने इन कालेजों में प्रवेश ले लिया है।

20 और कॉलेजों में बिना पीएटी के प्रवेश

जबलपुर के 12 और ग्वालियर के पांच कृषि कॉलेज हैं, जिनमें प्रवेश के लिए पीएटी परीक्षा अनिवार्य है। यह परीक्षा बीते कुछ वर्षों से लगातार विलंब से हो रही है। इस बार भी जुलाई में यह परीक्षा हुई, जबकि अन्य निजी और ऑटोनॉमस कॉलेजों में समय पर प्रवेश दे दिया गया।

अब जल्द ही 20 पारंपरिक शासकीय कॉलेजों में एग्रीकल्चर सिलेबस शुरू करने की तैयारी हो रही है। ऐसे में 2026 में पीएटी में बैठने वालों की संख्या और कम हो जाएगी। पीएटी में शामिल होने वाली विद्यार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो 2024 में 17304 विद्यार्थियों ने प्री एग्रीकल्चर टेस्ट दिया था, जबकि 2025 में यह संख्या 12563 रही।

सरकारी कॉलेज में इसलिए कम प्रवेश

प्रदेश के कई निजी और पारंपरिक शिक्षा प्रदान करने वाले शासकीय कॉलेजों में अब कृषि में यूजी कराया जा रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए पीएटी परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं। बिना पीएटी के सीधे प्रवेश दिया जा रहा है।

जबलपुर और ग्वालियर कृषि विवि से संबद्ध सरकारी कॉलेजों में पीएटी परीक्षा में पास होने पर ही प्रवेश दिया जाता है। जबलपुर कृषि विवि में लगातार प्रोफेसरों की कमी हो रही है, लेकिन भर्ती नहीं हो रही। कृषि विवि का बजट न मिलने से भवन और अन्य शिक्षा संबंधित कार्यों में बाधा आ रही है।

कृषि विवि की सीटों पर एक नजर जबलपुर कृषि विवि- जबलपुर- 77 रीवा- 77 टीकमगढ़- 77 गंजबसौदा- 77 वारासिवनी- 77 पवारखेड़ा- 77 खुरई सागर- 66 पन्ना- 66 पेमेंट सीट- 201 हार्टिकल्चर- 132 फारेस्ट्री- 28 एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग- 77

ग्वालियर कृषि विवि से संबद्ध- ग्वालियर, इंदौर, सीहोर, खंडवा और मंदसौर की कुल 494 सीटें

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