रांची
झारखंड सशस्त्र पुलिस (जेएपी) की पहली बटालियन के जवानों ने सदियों पुरानी परंपरा के तहत बीते बुधवार को महानवमी के अवसर पर शस्त्र पूजा की और देवी दुर्गा को बंदूक की सलामी दी।
इन जवानों में अधिकतर गोरखा थे। अधिकारियों ने बताया कि शस्त्र पूजा के अवसर पर कुकरी (चाकू), राइफल और लांचर जैसे हथियारों की पूजा की गई। जेएपी के जवान 9 दिनों तक देवी की ‘नवदुर्गा' के रूप की आराधना करते हैं। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जेएपी की पहली बटालियन के कमांडेंट राकेश रंजन ने कहा, ‘‘यह जेएपी-1 गोरखा सुरक्षाबलों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए एक बड़ा दिन है।
राकेश रंजन ने कहा, हम शस्त्रों की पूजा करते हैं और देवी (नौ कुमारी) से सुरक्षाबलों की कुशलता के लिए प्रार्थना करते हैं, चाहे वे जहां भी तैनात हों।'' एक अधिकारी ने बताया कि शस्त्र पूजा की यह परंपरा 1880 से चली आ रही है।
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