सहरसा
सहरसा में मत्स्यगंधा झील के कायाकल्प के लिए 98 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिन पूर्व पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस परियोजना का शिलान्यास किया था। बुधवार को पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. आलोक रंजन ने जिले के डीएम दीपेश कुमार के साथ स्थल पर कार्य योजना का औपचारिक शुभारंभ किया।
पर्यटन और आस्था का नया केंद्र बनेगा मत्स्यगंधा झील
विधायक डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि इस परियोजना के तहत झील के किनारे 400 मीटर का घाट, वृत्ताकार ग्लास ब्रिज और पार्किंग स्थल का निर्माण होगा। यह झील धार्मिक आस्था का केंद्र तो बनेगी ही, साथ ही इसे राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी विकसित किया जाएगा। बिहार का दूसरा ग्लास ब्रिज यहां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगा।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
विधायक ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। हस्तशिल्प, होटल और परिवहन क्षेत्र में हजारों लोगों को काम मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सहरसा जिले को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से होगा कायाकल्प
परियोजना के अंतर्गत अनुभव केंद्र, शौचालय परिसर (शिशु देखभाल कक्ष सहित), स्मृति चिन्ह दुकान, परावर्तन कुंड, विशाल वृक्ष प्रतिरूप, संगीतमय फव्वारा, सेल्फी प्वाइंट, भोजनालय, प्रशासनिक भवन, शहरी हाट, वृत्ताकार लॉन, विशाल वाहन पार्किंग और भव्य मुख्य द्वार जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण का काम नहीं है, बल्कि सहरसा के सर्वांगीण विकास, रोजगार और समृद्धि के अवसर सृजित करने का संकल्प है। विधायक डॉ. आलोक रंजन ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए एनडीए सरकार का आभार व्यक्त किया।
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