भोपाल
मध्य प्रदेश में नस्ल सुधार करके दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग द्वारा नियुक्त मैत्री कार्यकर्ता एक लाख से अधिक परिवारों तक पहुंचेंगे। पहले चरण में उन परिवारों तक पहुंचा जाएगा, जिनके पास दस या उससे अधिक दुधारू पशु हैं। इन्हें बताया जाएगा कि नस्ल सुधार करने से उन्हें कितना लाभ होगा। पोषण आहार में जो खर्च होगा, उससे अधिक कैसे आय होगी।
सरकार कैसे-कैसे सहयोग करेगी। विभाग ने तीन चरण में सभी पशुपालकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। पहला चरण नौ अक्टूबर तक चलेगा। इसमें 10 या इससे अधिक गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी या मैत्री कार्यकर्ता द्वारा गृह भेंट की जाएगी। इन्हें पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
साथ ही पशुओं में टैग लगाने संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी। मैत्री कार्यकर्ता को प्रति पशुपालक पांच रुपये मानदेय भी मिलेगा। दूसरे चरण में पांच या अधिक गो-वंश रखने वाले और तीसरे चरण में पांच या इससे कम गो-वंश रखने वाले पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा।
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