हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं नियम पर ब्रेक, इंदौर कलेक्टर ने कहा – जागरूकता से बनेगा असर

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर
क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट पहनकर गाड़ियों में पेट्रोल डलवाना जरूरी नहीं है, बल्कि हेलमेट को लेकर जागरूकता ज्यादा जरूरी है. इसी तरह के एक आदेश के बाद क्लीन सिटी इंदौर में अब हेलमेट लगाना स्वैच्छिक कर दिया गया है. बीते 1 अगस्त को इंदौर जिला प्रशासन ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना जरूरी किया था. इस आदेश को वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने जारी रखने से इनकार कर दिया है.

पूर्व कलेक्टर ने अनिवार्य किया था हेलमेट
इंदौर में आए दिन होने वाले टू व्हीलर गाड़ियों के एक्सीडेंट में लोगों की सर पर चोट लगने से मौत एक बड़ी वजह है. लिहाजा पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह ने पिछले महीने एक आदेश निकालकर शहर में दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य किया था. इतना ही नहीं बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के भी आदेश दिए थे.

नए कलेक्टर ने स्वैच्छिक किया हेलमेट लगाना
उस दौरान इसी आदेश के उल्लंघन के कारण कई पेट्रोल पंप को सील भी किया गया था. 1 अक्टूबर को फिर इस आदेश को सुचारू रखने के लिए नया आदेश किया जाना था, लेकिन वर्तमान कलेक्टर शिवम वर्मा ने उसे सुचारू नहीं रखते हुए शहर में हेलमेट लगाना एक बार फिर स्वैच्छिक कर दिया है. इतना ही नहीं अब बिना हेलमेट के भी वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर अपने वाहनों में पेट्रोल डलवा पाएंगे. हालांकि नए कलेक्टर के इस फैसले से शहर के उन वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है जिन्हें ट्रैफिक पुलिस द्वारा हेलमेट के नाम पर लगातार परेशान किया जा रहा था.

पेट्रोल डलवाने के लिए भी पहनना पड़ता था हेलमेट
वहीं, वाहनों में पेट्रोल डलवाने के लिए भी लोगों को हेलमेट लेकर पेट्रोल पंप पर पहुंचना पड़ता था. इधर इस आदेश को सुचारू नहीं रखने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि अधिकांश वाहन चालक पेट्रोल डलवाते समय ही हेलमेट लगा रहे थे. जबकि वाहन चलाते समय हेलमेट लगाने वाले लोगों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई थी. इधर इस आदेश का स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी विरोध किया था.

मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में इंदौर अव्वल
लोगों को हेलमेट न लगाना पड़े इसको लेकर एक जनहित याचिका भी कोर्ट में प्रस्तुत की थी, लेकिन कोर्ट से भी हेलमेट लगाने संबंधी फैसले पर लोगों को राहत नहीं मिल पाई थी. अब जबकि खुद जिला प्रशासन ने ही अपने आदेश को सुचारू नहीं रखा तो पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल दिए जाने की पुरानी व्यवस्था फिर शुरू हो गई है. एक्सीडेंट के मामले में इंदौर पहले नंबर पर है, जहां पिछले साल ही करीब 6075 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं जो तुलनात्मक रूप से भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर से सर्वाधिक थी. इन दुर्घटनाओं में अधिकांश वाहन चालक टू व्हीलर थे, जो हेलमेट नहीं लगाए थे.

 

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