चंडीगढ़
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चंडीगढ़ सेक्टर-10 में हुए ग्रेनेड अटैक केस में एक और अहम आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है. इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया. उसने बताया है कि इस हमले की साजिश पाकिस्तान और अमेरिका से रची गई थी. यह हमला बाबर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े आतंकियों ने रचा था.
इस मामले में गिरफ्तार पंजाब निवासी अभिजोत सिंह उर्फ बाब्बा उर्फ गोपी को चार्जशीट किया गया है. जांच में पता चला है कि यह साजिश पाकिस्तान में बैठे BKI आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और अमेरिका स्थित गैंगस्टर हैप्पी पासिया ने मिलकर रची थी. पासिया ने ही भारत में लोगों की भर्ती, फंडिंग और हथियार पहुंचाने का जिम्मा उठाया था. रिंदा और पासिया दोनों को एनआईए पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है. इनके साथ ही दो गिरफ्तार आरोपी रोहन मसीह और विशाल मसीह को भी मार्च 2024 में चार्जशीट किया गया था.
आर्मेनिया में हुआ था संपर्क
एनआईए की जांच में सामने आया है कि दिसंबर 2023 में अभिजोत सिंह आर्मेनिया गया था, जहां उसकी मुलाकात पासिया के करीबी शमशेर शेहरा से हुई. शेहरा ने ही उसे पासिया के आतंकी गिरोह में शामिल कराया. भारत लौटने के बाद, जुलाई 2024 में अभिजोत ने टारगेट की रेकी की और अगस्त 2024 में रोहन मसीह के साथ मिलकर रिटायर्ड पुलिस अफसर की हत्या की कोशिश की. इसके लिए उसे विदेश से पैसे भी मिले. सितंबर 2024 में रोहन और विशाल ने मिलकर ग्रेनेड अटैक को अंजाम दिया.
एनआईए की तलाश जारी
एनआईए अब भी उन बाकी आरोपियों और सहयोगियों की तलाश में है, जिन्होंने इस हमले के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और हथियार उपलब्ध कराए थे. वहीं, पुलिस का कहना कि यह हमला रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक जसकीरत सिंह चहल को निशाना बनाकर किया गया था, जो 1986 में नकोदर में स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) थे, जब पुलिस की गोलीबारी में चार सिख प्रदर्शनकारी मारे गए थे. 11 सितंबर, 2024 के हमले से दो साल पहले तक चहल सेक्टर 10 के मकान की पहली मंजिल पर किराए पर रह रहे थे. यह मकान हिमाचल प्रदेश के एक संस्थान के रिटायर्ड प्रिंसिपल केके मल्होत्रा का है.
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